नई दिल्ली (ईएमएस)। इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताबी मुकाबला 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम अपने खिताब का बचाव करने को पूरी तरह तैयार है, लेकिन स्टेडियम ने पहले भी कुछ दर्द भरे पल दिए हैं। आईसीसी इवेंट में भारत ने अब तक केवल दो ही मैच इसी मैदान पर खोए हैं 2023 वर्ल्ड कप का फाइनल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और 2026 टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 का मुकाबला। इन दोनों मैचों में हार का कारण पिच के धीमे और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल न होने को माना गया। भारत और न्यूजीलैंड फाइनल के लिए पिच को लेकर जानकारी मिली है कि यह मिक्स मिट्टी वाली पिच होगी, जिसमें लाल मिट्टी की मात्रा अधिक है। लाल मिट्टी ज्यादा होने से गेंद बल्ले पर आसानी से आती है और बाउंस भी संतुलित रहता है। इस पिच का इस्तेमाल पहले लीग मैच में साउथ अफ्रीका और कनाडा के बीच हुआ था, जहां 5 विकेट पर साउथ अफ्रीका ने 213 रन बनाए थे, जबकि कनाडा की टीम 156/8 पर ढेर हुई थी। भारतीय टीम के लिए यह निर्णय इसलिए अहम है क्योंकि पहले काली मिट्टी वाली पिचों पर टीम को संघर्ष करना पड़ा था। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ काली मिट्टी वाली धीमी पिच ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती पैदा की थी और टीम शुरुआत में मुश्किल में रही थी। इसी कारण इस बार फाइनल में मिक्स-सॉइल पिच का चयन किया गया है, ताकि कोई पक्षपात न हो और बैट्समैन और गेंदबाज दोनों को संतुलित मदद मिल सके। सूत्रों के अनुसार, पिच में लाल मिट्टी की ज्यादा मात्रा से बैट्समैन को थोड़ी मदद मिलेगी, वहीं गेंदबाजों के लिए भी बाउंस संतुलित रहेगा। यह स्पोर्टिंग ट्रैक होगा, जो फाइनल में रोमांचक मुकाबले की उम्मीद को और बढ़ा देगा। लीग मुकाबलों के दौरान भारतीय टीम मैनेजमेंट पिचों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं था और उन्होंने लोकल क्यूरेटर से पिच की गुणवत्ता पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसी वजह से इंडियन बोर्ड ने अपने स्टाफ को स्टेडियम भेजकर पिच की तैयारियों की निगरानी करने का फैसला किया। अब सवाल यह है कि 8 मार्च को फाइनल में इस पिच का भारत पर कितना असर होगा और क्या टीम इतिहास को दोहराने से बच पाएगी। डेविड/ईएमएस 07 मार्च 2026