राज्य
07-Mar-2026


पुराने और नए शहर में झांकियों, ढोल-ताशों और गुलाल मशीनों के साथ निकलेगा भव्य जुलूस भोपाल (ईएमएस)। होली के पांच दिन बाद मनाया जाने वाला रंगपंचमी का पर्व इस वर्ष 8 मार्च को मनाया जाएगा। मान्यता है कि रंगपंचमी के साथ ही होली पर्व का समापन होता है। इस अवसर पर धुलेंडी की तरह रंग-गुलाल के साथ उत्सव मनाया जाएगा और शहर में पारंपरिक चल समारोह भी निकाले जाएंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 7 मार्च को शाम 7 बजकर 17 मिनट से होगी। यह तिथि 8 मार्च को रात 9 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर रंगपंचमी का पर्व रविवार 8 मार्च को मनाया जाएगा। रंगपंचमी के अवसर पर भोपाल में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक समितियों द्वारा आयोजन किए जाएंगे। हिंदू उत्सव समिति पुराने शहर में पारंपरिक और भव्य चल समारोह निकालने की तैयारी कर रही है। वहीं नया भोपाल त्यौहार उत्सव समिति द्वारा नए शहर में भी आकर्षक जुलूस निकाला जाएगा। शिव-पार्वती की होली की झांकी बनेगी आकर्षण समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और रंगपंचमी संयोजक प्रकाश मालवीय के अनुसार इस बार का चल समारोह पहले से अधिक आकर्षक और भव्य होगा। इसमें भगवा ध्वज, ऊंट, घोड़े, ढोल-ताशे, डीजे और बैंड की धुनों के साथ शहर रंगों के उत्सव में डूबा दिखाई देगा। चल समारोह में कई धार्मिक झांकियां भी शामिल होंगी। इनमें भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के साथ होली खेलते हुए दिव्य स्वरूप की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस आयोजन में भूत-प्रेतों द्वारा मसान की होली की अनोखी झांकी भी प्रस्तुत की जाएगी, जो पारंपरिक और आध्यात्मिक भाव को दर्शाएगी। इसके अलावा टी-20 वल्र्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम की विजय की शुभकामनाओं से जुड़ी एक विशेष झांकी भी निकाली जाएगी, जो युवाओं और क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बढ़ाएगी। रंगपंचमी के इस भव्य आयोजन में सतरंगी गुलाल मशीनों से आसमान रंगों से सराबोर किया जाएगा। पूरे चल समारोह मार्ग पर पिचकारियों से रंगों की बौछार की जाएगी, जिससे उत्सव का आनंद और भी बढ़ेगा। समिति और प्रशासन ने किया मार्ग का निरीक्षण राजधानी में रंगपंचमी पर निकलने वाले पारंपरिक चल समारोह की तैयारियों को लेकर शनिवार को संयुक्त निरीक्षण किया गया। सुभाष चौक से शुरू हुए इस निरीक्षण में श्री हिंदू उत्सव समिति के पदाधिकारियों के साथ पुलिस प्रशासन, नगर निगम, एमपीईबी और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने चल समारोह के परंपरागत मार्ग का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षा, बिजली, सफाई और यातायात व्यवस्था सहित अन्य जरूरी इंतजामों की समीक्षा की गई। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष रंगपंचमी का चल समारोह इंदौर की तर्ज पर पारंपरिक गेर के रूप में निकाला जाएगा। इसके लिए पूरे मार्ग पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चल समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक शामिल होते हैं, इसलिए प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मार्ग पर बिजली लाइनों, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था और यातायात संचालन को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। आयोजन के दिन किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के लिए कहा गया है। तिवारी ने बताया कि रंगपंचमी का यह आयोजन राजधानी की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता रहती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में चल समारोह में शामिल होकर इस पारंपरिक आयोजन को सफल बनाएं। विनोद/ 7 मार्च /2026