राज्य
07-Mar-2026


वन बल प्रमुख की चिट्ठी, शाख्यासागर तालाब का पानी शुद्ध करने तेजी से करें काम भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के माधव टाइगर रिजर्व के तहत आने वाले शाख्यासागर तालाब (चांदपाठा) में बढ़ते प्रदूषण को लेकर वन विभाग ने गंभीर चिंता जताई है। इसको लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख ने अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ सालों से शिवपुरी शहर का प्रदूषित सीवेज पानी बिना उपचार के तालाब में छोड़ा जा रहा है। इसके कारण तालाब में जलकुंभी तेजी से फैल गई है और इससे जलीय जीव-जंतुओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। एक ओर राज्य सरकार प्रदेश में वन्य जीवों की सुरक्षा और उनकी आबादी को लेकर गंभीर है, दूसरी ओर अफसरों की लापरवाही के चलते माधव टाइगर रिजर्व में मौजूद टाइगर और अन्य वन्य जीवों का जहरीले पानी से खतरा बना हुआ है। इस मामले में वन विभाग की सख्ती के बाद भी कोई एक्शन नहीं हो पाया है और वन बल प्रमुख ने एक बार फिर वन्य और जलीय जीवों के लिए खतरा बन रहे शाख्यासागर तालाब के शुद्धिकरण के लिए पत्र लिखा है। दो साल पहले पाया था गंभीर प्रदूषण वन विभाग के अनुसार जुलाई 2024 में निरीक्षण के दौरान इस समस्या को गंभीर पाया गया था और नगर पालिका शिवपुरी से प्रदूषण रोकने के लिए संपर्क करने के निर्देश भी दिए गए थे। यह स्थिति न केवल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 35(6) का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का भी उल्लंघन माना जा रहा है। पूर्व बन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े ने रिटायरमेंट के पहले प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव, मुख्य वन्य जीव अभिरक्षक और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक चीता प्रोजेक्ट से संबद्ध अफसरों को लिखे पत्र में कहा है कि 29 अगस्त 2024 को आयोजित बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा कर प्रदूषण रोकने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। फिलहाल दो मशीनों के माध्यम से केवल जलकुंभी हटाने का काम किया जा रहा है, जिससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। शाख्यासागर तालाब को रामसर साइट का दर्जा प्राप्त वन विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि शाख्यासागर तालाब को वर्ष 2021 से रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है, इसलिए इसका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। यह तालाब माधव टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों, मगरमच्छों, मछलियों और अन्य जलीय जीवों के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत है। वन बल प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए संबंधित विभागों से तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। विनोद/ 7 मार्च /2026