राज्य
07-Mar-2026
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* झंझारपुर अनुमंडल के नरुआर गांव के एक व्यक्ति को साइबर अपराधियों ने हाउस अरेस्ट कर 10 लाख रुपए उड़ाए मधुबनी, (ईएमएस)। मधुबनी जिला में साइबर अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट कर एवं अन्य कई तरह से फर्जीवाड़ा कर लोगों को लूट रहे हैं। साथ ही साइबर अपराधियो ने एक सीमेंट कंपनी के नाम पर साइबर क्राइम कर रहे हैं। झंझारपुर अनुमंडल के भैरव स्थान थाना क्षेत्र के नरुआर गांव के सुजीत कुमार मिश्र को डिजिटल अरेस्ट कर 10 लाख रुपया साइबर अपराधियों ने उड़ा लिया। इस संबंध में पीड़ित सुजीत कुमार मिश्रा ने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया है। साइबर थाना में दिए आवेदन में सुजीत कुमार मिश्रा ने आवेदन में कहा है कि 16 एवं 17 फरवरी को उनके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से दो पत्र आया। जिसमे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार कार्यालय में गिरफ्तारी वारंट की धमकी भरा पत्र एवं कॉल भी आया कि उन्हें रिपोर्टिंग देना है, कि आप सुरक्षित हैं या नहीं। इसके लिए एसेट से सम्बन्धित समस्त कागजात एवं बैंक से सम्बन्धित सारी कागजात की मांग की गयी। आवेदक श्री मिश्रा ने बैंक से सम्बन्धित पासबुक एवं चेकबुक का फोटो कॉपी अपने मोबाईल संख्या से व्हाट्सएप कर दिया। इस नम्बर के फोटो में एटीएस का लोगो लगा हुआ था। 19 फरवरी को व्हाट्सएप पर एकाउंट होल्डर का नाम कविया एस, केनरा बैंक का डिटेल ब्रांच कोविलपट्टी साइबर अपराधियों ने भेजा गया। साइबर अपराधियो ने इस खाते में 10 लाख रुपया जमा करने को कहा। उस खाते में पीड़ित द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से 10 लाख रुपया भेज दिया गया। बाद में 20 फरवरी को पीड़ित को पता चला कि उनके साथ डिजिटल फ्रॉड हुआ है। इस संबंध में मधुबनी साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। दूसरी घटना रहिका थाना क्षेत्र के सुगौना गांव में डिजिटल फ्रॉड का हुआ है। इस घटना में एक सीमेंट कंपनी के नाम से दो लाख 50 हजार रुपया का डिजिटल फ्रॉड हुआ है। बालू सीमेंट के व्यवसायी निशिकेश कुमार का रोशनी ट्रेडर्स के नाम से चलता है। पिछले 5 फरवरी को समय करीब 4 बजे शाम में सिमेंट खरीदने वास्ते गूगल पर अल्ट्राटेक सिमेंट खरीदने के लिए कॉल किये तो बोला गया कि श्री कांत मिश्रा अल्ट्राटेक सिमेंट का मैनेजर बोल रहा हूं। वह मुझे अल्ट्राटेक सिमेंट का कोटेशन 1000 बैग का 250 रुपये प्रति बैग भेजा। उस खाता संख्या, आईएफएससी कोड पर पीड़ित ने दो लाख पचास हजार रुपया भेज दिया। फिर 9 फरवरी को आवेदक ने उस कथित सीमेंट कंपनी के मैनेजर को फ़ोन कर सीमेंट नहीं पहुचने की जानकारी दिया। इस बात पर उस कथित साइबर फ्रॉड मैनेजर ने कहा कि उन्हें 1740 बैग सीमेंट जाएगा रेस्ट अमाउंट भेजने को कहा। आवेदक ने कहा कि मुझे एक हजार बैग सीमेंट ही चाहिए नहीं तो उनका रुपया उन्हें वापस कर दीजिए। इस बात पर वह कथित मैनेजर ने कहा कि सात दिन के बाद पैसा जाएगा। जब उन्हें शंका होने लगा कि ये फ्रॉड हो गया है। तब छानबीन करने लगे तो पता चला कि ये फर्जीवाड़ा है। इसके बाद से उस कथित मैनेजर का फ़ोन बंद हो गया। इस मामले का भी साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्तिक कुमार/संतोष झा- ०७ मार्च/२०२६/ईएमएस