-भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा- समाधान हमेशा बातचीत से मिलता नई दिल्ली,(ईएमएस)। ईरान और अमेरिका-इजराइल में जारी संघर्ष के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की। पुतिन की इस बातचीत को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि रूस इस मुश्किल वक्त में ईरान का साथ दे सकता है, हालांकि पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से तनाव कम करने और जल्द से जल्द मुद्दे को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की अपील की है। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से टेलीग्राम पर दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की जानकारी दी गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ टेलीफोन पर बातचीत में पुतिन ने एक बार फिर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई, उनके परिवार के सदस्यों और देश की सेना और नेताओं की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है, साथ ही ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हथियारों से हमले की वजह से हुई छात्राओं और आम लोगों की मौत पर भी दुख जताया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि पुतिन ने तनाव को तुरंत खत्म करने, ईरान से जुड़े या मिडिल ईस्ट में उठने वाले किसी भी मुद्दे को हल करने के तरीके के तौर पर ताकत के इस्तेमाल को नकारने और डिप्लोमैटिक समाधान के रास्ते पर तेजी से लौटने के पक्ष में रूस के उसूलों पर फिर से जोर दिया। पुतिन ने कहा कि वह गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। वहीं मसूद पेजेश्कियन ने ईरानी लोगों के साथ रूस की एकजुटता के लिए पुतिन का धन्यवाद किया। रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान अपनी संप्रभुता और अपने देश की आजादी की रक्षा कर रहा है। उन्होंने लड़ाई से संबंधित ताजा गतिविधियों में हुए विकास पर विस्तार से जानकारी भी दी और दोनों नेताओं के बीच इस बात पर सहमति हुई कि ईरानी पक्ष के साथ अलग-अलग माध्यमों से संपर्क बनाए रखा जाएगा। इस बीच भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि समाधान हमेशा बातचीत से होता है। संघर्ष जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि युद्ध कब तक चलेगा तो उन्होंने कहा कि यह सवाल अमेरिका से पूछना चाहिए। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की अटकलों के बीच अलीपोव ने कहा कि आपूर्ति और आपूर्ति स्रोत पर फैसला भारत को करना है। हम हमेशा भारत को तेल आपूर्ति करने के लिए तैयार रहे हैं। रूस ने 28 फरवरी को बिना कारण ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले की निंदा की थी। साथ ही हालात को राजनीतिक तथा कूटनीतिक समाधान की ओर वापस लाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। सिराज/ईएमएस 08 मार्च 2026