राष्ट्रीय
08-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। गर्भावस्था में सही और संतुलित पोषण गर्भस्थ शिशु के लिए नींव की तरह काम करता है, जो भविष्य में मां की ताकत और बच्चे के स्वस्थ विकास की दिशा तय करता है। ऐसे में रोजाना आहार में कुछ विशेष फलों को शामिल करना बेहद लाभकारी माना गया है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, गर्भवती महिलाओं के आहार में सेब, अनार, संतरा और केला जैसे फलों का होना जरूरी है, क्योंकि ये विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। सेब गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर करता है, कब्ज से राहत देता है और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। नियमित सेवन से बच्चे की ग्रोथ में भी सहायता मिलती है। अनार आयरन, फोलेट और विटामिन का बेहतरीन स्रोत है। यह हीमोग्लोबिन बढ़ाता है और एनीमिया का खतरा कम करता है। अनार का सेवन ऊर्जा बढ़ाता है, रक्त संचार में सुधार लाता है और मॉर्निंग सिकनेस तथा थकान से राहत दिलाता है। इसके पोषक तत्व बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संतरा विटामिन सी का सबसे प्राकृतिक और प्रभावी स्रोत माना जाता है। यह इम्यून सिस्टम मजबूत करता है, शरीर को संक्रमण से बचाता है और आयरन के अवशोषण में मदद करता है। संतरे में मौजूद फोलेट बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए आवश्यक है। साथ ही यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और गर्भावस्था के दौरान होने वाली क्रेविंग्स को भी नियंत्रित करता है। केला गर्भावस्था में आने वाली कमजोरी, थकान और मांसपेशियों में होने वाले दर्द को दूर करने में मदद करता है। पोटैशियम, फाइबर और विटामिन बी6 से भरपूर केला ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है, पाचन बेहतर करता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। यह आसानी से पच जाने वाला फल होने के कारण गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद उपयुक्त है। इन सुपरफ्रूट्स को नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से मां और शिशु दोनों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। सुदामा/ईएमएस 08 मार्च 2026