नई दिल्ली,(ईएमएस)। राज्यसभा चुनाव के लिए दस राज्यों की 37 सीटों में से अधिकांश सीटों पर निर्विरोध चुनाव की संभावना है, लेकिन बिहार, ओडिशा और हरियाणा में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। इन तीन राज्यों की कुल 11 सीटों के लिए मतदान होगा, जिसमें बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटें शामिल हैं। ओडिशा में भाजपा बीजू जनता दल (बीजद) की चुनौती बढ़ाने में लगी हुई है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार भाजपा दो सीटें जीत सकती है और बीजद को एक सीट मिल सकती है, लेकिन चौथी सीट पर भाजपा समर्थित निर्दलीय दिलीप राय और बीजद के दत्तेश्वर होता में मुकाबला है। जीत के लिए 30 वोट चाहिए। भाजपा के पास अपने 79 और तीन निर्दलीय विधायक का समर्थन है, यानी तीसरे प्रत्याशी के लिए 22 वोट बचे हैं। इस हिसाब से दिलीप राय को आठ और वोटों की जरूरत होगी। वहीं बीजद के 48 विधायक हैं, उसे दूसरी सीट के लिए 12 वोटों की आवश्यकता है, जो कांग्रेस के 14 और माकपा के एक विधायक के समर्थन से ही पूरी हो सकती है। बिहार में इस बार राज्यसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उम्मीदवार होने के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। राज्य की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं और जीत के लिए 41 वोट जरूरी हैं। भाजपा और जद(यू) के दो-दो उम्मीदवारों को जीतने में दिक्कत नहीं है। मुख्य मुकाबला एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा और राजद के अमरेंद्र धारी सिंह के बीच होगा। एनडीए को जीत के लिए तीन और वोटों की आवश्यकता है, जबकि राजद को छह वोट चाहिए। ऐसे में बसपा और एआईएमआईएम के कुछ विधायकों के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं। हरियाणा में कांग्रेस के लिए राज्यसभा चुनाव चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दो सीटों पर भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध के अलावा निर्दलीय सतीश नांदल ने भी नामांकन किया है। नांदल पहले भाजपा से चुनाव लड़ चुके हैं और इस बार भाजपा ने उन्हें निर्दलीय उतारकर कांग्रेस में सेंध लगाने की कोशिश की है। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 वोट चाहिए, लेकिन क्रॉस वोटिंग का खतरा बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इन तीन राज्यों में विपक्ष के समीकरण को भंग करने और रणनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई है। बिहार, ओडिशा और हरियाणा में आगामी चुनाव भाजपा की राजनीतिक योजना का परीक्षण साबित होंगे। हिदायत/ईएमएस 08 मार्च 2026