क्षेत्रीय
08-Mar-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. (प्रो.) रमणेश मूर्ति को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) छत्तीसगढ़ द्वारा प्रतिष्ठित च्डॉ. जी.पी. श्रीवास्तव अकादमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड 2025ज् से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 7 फरवरी को रायपुर स्थित श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एम्स गुवाहाटी के डायरेक्टर कर्नल डॉ. पूराणिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। आईएमए की स्क्रीनिंग समिति ने विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त नामांकन और उपलब्धियों का मूल्यांकन करने के बाद चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए उनका चयन किया। डॉ. रमणेश मूर्ति वर्तमान में सिम्स बिलासपुर के अधिष्ठाता के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे लगभग नौ वर्षों तक सिम्स में चिकित्सा अधीक्षक और पांच वर्षों तक शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के अधिष्ठाता रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कोविड-19 महामारी के दौरान उत्कृष्ट प्रबंधन और सेवाओं के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा च्हेल्थ आइकॉन अवॉर्डज् से सम्मानित किया गया था, जबकि वर्ष 2019 में उन्हें च्राष्ट्रीय शिक्षा गौरव सम्मानज् भी मिल चुका है। चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके 48 से अधिक शोध प्रकाशन और 52 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां दर्ज हैं। वे नेशनल मेडिकल कमीशन के अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों के आकलनकर्ता रह चुके हैं तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीएचडी और एमडी के परीक्षक के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. मूर्ति अमेरिका के एनआईएच बाल्टीमोर और सीडीसी अटलांटा के फेलो भी रह चुके हैं। हाल ही में मदुरै में आयोजित विश्व रिससीटेशन कांग्रेस में माइक्रोबायोटा विषय पर उनके व्याख्यान को भी काफी सराहना मिली थी। उनका यह सम्मान सिम्स बिलासपुर और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। मनोज राज 08 मार्च 2026