क्षेत्रीय
08-Mar-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। रेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने और ट्रेनों के सुरक्षित व तेज संचालन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चौथी रेल लाइन परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेलखंड के बीच करीब 206 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूर्णता की ओर बढ़ रही है। अब तक इस परियोजना के तहत लगभग 180 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। यह रेलखंड हावड़ा–मुंबई ट्रंक लाइन का महत्वपूर्ण और अत्यंत व्यस्त मार्ग माना जाता है। यहां ट्रेनों की बढ़ती संख्या और माल परिवहन की मांग को देखते हुए क्षमता विस्तार के लिए चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से ट्रेनों के संचालन में गति आएगी और समयबद्धता सुनिश्चित होगी। इंटरलॉकिंग सहित सभी आवश्यक तकनीकी कार्य पूरे परियोजना के तहत सारागांव देवरी, बाराद्वार, जेठा और सक्ती स्टेशनों के बीच 22.2 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इंटरलॉकिंग सहित सभी आवश्यक तकनीकी कार्य पूरे होने के बाद दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) बी.के. मिश्रा ने 5 और 6 मार्च 2026 को इस रेलखंड का निरीक्षण किया। आयुक्त रेलवे सेफ्टी ने इस नई चौथी रेल लाइन पर जताया भरोसा निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षण और औपचारिकताएं संतोषजनक पाए जाने के बाद आयुक्त रेलवे सेफ्टी ने इस नई चौथी रेल लाइन पर रेल परिचालन के लिए अधिकृत अनुमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही इस रेलखंड पर सवारी और मालगाडय़िों के नियमित एवं सुरक्षित संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। चौथी रेल लाइन शुरू होने से ट्रेन संचालन अधिक सुगम रेलवे अधिकारियों के अनुसार हावड़ा–मुंबई ट्रंक लाइन पर स्थित इस महत्वपूर्ण मार्ग में चौथी रेल लाइन शुरू होने से ट्रेन संचालन अधिक सुगम होगा। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और मालगाडय़िों के संचालन में भी तेजी आएगी। इसके अलावा इस क्षेत्र के उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के साथ रोजगार के अवसर भी बढऩे की उम्मीद है। मनोज राज 08 मार्च 2026