खेल
09-Mar-2026
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मुम्बई (ईएमएस)। इस माह के अंत में शुरु हो रहे आईपीएल 2026 सत्र में राजस्थान रॉयल्स की टीम के युवा कप्तान रियान पराग पर सबकी नजरें रहेंगी। पराग ने पिछले सत्र में भी कई मैचों में कप्तानी की थी। ऐसे में इसबार कप्तानी के समय उन्हें पिछले अनुभवों का लाभ मिलेगा। पिछले सत्र में रॉयल्स का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। ऐसे में इस बार रियान पर बेहतर प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाने का दबाव रहेगा। वहीं पिछले सत्र में कप्तान रहे संजू सैमसन इस बार चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की ओर से खेलते नजर आयेंगे । सैमसन के जाने के बाद टीम प्रबंधन ने भविष्य की योजनाओं को देखते हुए पराग पर भरोसा जताया है। राजस्थान रॉयल्स में सैमसन एक दशक से शामिल थे। वह एक युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज़ से टीम के कप्तान बने थे पर पिछले सत्र में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद वह फिटनेस की परेशानी से भी जूझ रहे थे। पिछले सत्र में 14 मुकाबलों में टीम को केवल चार में जीत मिली थी और वह अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी। इस सत्र के बाद ही सैमसन और टीम प्रबंधन में मतभेद आ गये थे और तभी से पता चल गया था कि वह बदलाव के लिए तैयार हैं।इसके बाद सैमसन सीएसके में चले गये। अब वह सीएसके में महेनद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गज के साथ टीम में खेलते दिखेंगे। पराग को कप्तानी एकदम नहीं दी गयी बल्कि पिछले सीज़न में जब भी सैमसन चोट के कारण बाहर थे, तब पराग को कप्तान के तौर पर अवसर दिये गये ताकि वह कमान संभालने के लिए तैयार रहें। उन्होंने आठ मैचों में टीम की कप्तानी की थी। उन मुकाबलों में टीम को केवल दो में ही जीत मिलीं पर पराग के आंकड़े अच्छे रहे। उन्होंने 38.57 की औसत से रन बनाए और कई अच्छी पारियां खेलीं। इससे उनकी बल्लेबाजी में परिपक्वता और दबाव को झेलने की क्षमता दिखी। वहीं पराग का मानना है कि कप्तानी सिर्फ मैदान पर फैसले लेने का नाम नहीं, बल्कि मानसिक रूप से तेज और रणनीतिक रूप से सजग रहने का खेल है। टीम संयोजन चाहे जैसा भी हो, वह जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं।साल 2025 के अंत में मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के पद छोड़ने के बाद रायल्स की मुश्किलें बढ़ गयी थीं और ऐसे में देखना होगा कि नये कप्तान के तौर पर पराग कितने सफल रहते हैं। गिरजा/ईएमएस 09 मार्च 2026