-पीएम मोदी की अमेरिका डील और इकॉनमी को खतरा बताया नई दिल्ली,(ईएमएस)। लोकसभा में सोमवार को पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। इस कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी दलों ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव और उससे जुड़े आर्थिक जोखिम पर तत्काल चर्चा जरूरी है, जबकि सरकार ने इसे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करार दिया। राहुल गांधी ने कहा, ऐसे गंभीर विषय पर सदन में चर्चा होनी ही चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में सवाल उठाया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से भारत की अर्थव्यवस्था को कितना बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने कहा, एक पैराडाइम शिफ्ट की लड़ाई चल रही है। इससे हमारी इकॉनमी और स्टॉक मार्केट पर बड़ा असर पड़ेगा। पीएम मोदी ने अमेरिका के साथ डील साइन की है, देश को बड़ा झटका लग सकता है। इस पर चर्चा में क्या दिक्कत है? राहुल गांधी ने कहा कि फ्यूल की कीमत और आर्थिक तबाही जैसे मुद्दे जनता के लिए अहम हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका आरोप था कि सरकार इस चर्चा से भाग रही है, क्योंकि इससे प्रधानमंत्री की नीतियों और पदाधिकारियों के बीच संभावित ब्लैकमेल की जानकारी सामने आ सकती है। संसद में हंगामे के बीच पीठासीन सभापति जगदम्बिका पाल ने विपक्ष से सदन चलाने में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष तख्तियों और नारेबाजी के माध्यम से पहले से तय कर चुका था कि सदन में काम नहीं करने देगा। बावजूद इसके सदन में हंगामा जारी रहा जिसके बाद कार्यवाही को अपराह्न 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस पर गैर-जिम्मेदार विपक्ष होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया और अब दूसरी चर्चा शुरू कर दी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या एक परिवार या एक व्यक्ति पूरे देश के लिए निर्णायक हैं। इस प्रकार संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हंगामेदार रही, जिसके चलते सदन को स्थगित करना पड़ा। विपक्ष चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है, क्योंकि वह आमजन से जुड़े इस विशेष महत्व के मुद्दे को यूं ही नहीं जाने देना चाहता है। इसलिए आगे भी संसद में हंगामें के आसार बने हुए हैं। हिदायत/ईएमएस 09मार्च26