राष्ट्रीय
09-Mar-2026
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-ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह और जयशंकर की मुलाकात का असर नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिका-इजराइल के खिलाफ ईरान की जंग लगातार जारी है। वह भी पूरी तरह से हमले कर रहा है। इस युद्ध के चलते खाड़ी में इस बढ़ते तनाव के बीच भारत के दो मालवाहक जहाज़ होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते देखे गए। समुद्री ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’ नाम के ये दोनों जहाज़ हाल ही में समुद्री मार्ग से होकर गुजरे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण कई वैश्विक शिपिंग कंपनियां इस मार्ग का इस्तेमाल करने को लेकर सतर्क रुख अपना रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज जलडमरू मध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और ग्लोबल ऑयल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। समुद्री ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक भारतीय जहाज पुष्पक और परिमल इस जलडमरूमध्य से तेज़ी से गुजरते हुए देखे गए। क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण इन जहाजों की आवाजाही पर खास ध्यान दिया जा रहा है। कई रिपोर्टों में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि ईरान की ओर से संकेत मिले हैं कि मौजूदा तनाव में भारतीय ध्वज वाले जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि यह भारत और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक संपर्कों का परिणाम है। इन घटनाक्रमों के बीच भारत और ईरान के बीच हाल ही में उच्च स्तर पर बातचीत हुई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से टेलीफोन पर बातचीत की थी। इसके बाद ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह नई दिल्ली पहुंचे और जयशंकर से मुलाकात की। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा हुई। इस बीच ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प (आईआरजीसी) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। दरअसल अमेरिका ने कहा था कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा करने के लिए कदम उठा सकता है। इसके जवाब में आईआरजीसी ने कहा कि वह ‘अमेरिका का इंतजार कर रहा है। आईआरजीसी ने 1987 की उस घटना का भी जिक्र किया जिसमें ब्रिजेटन नाम का एक सुपरटैंकर हमले का शिकार हुआ था। संगठन का कहना है कि अमेरिका को ऐसे फैसले लेने से पहले इतिहास से सबक लेना चाहिए। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि हाल ही में श्रीलंका के पास एक ईरानी जहाज़ से जुड़ी घटना भी सामने आई थी। बताया गया कि आइरिस दीना नाम का जहाज़ भारतीय नौसेना के मिलन अभ्यास से लौटते समय डूब गया था। इसके बाद भारत ने मानवीय आधार पर उस जहाज़ के ईरानी नाविकों को कोच्चि बंदरगाह पर शरण दी। सिराज/ईएमएस 09 मार्च 2026