नई दिल्ली (ईएमएस)। प्री-डायबिटीज की अनदेखी आपको भारी पड़ सकती है। अगर समय रहते नियंत्रित कर लिया जाए, तो टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह रोका जा सकता है। लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज़ किया गया, तो यह बीमारी न केवल शुगर लेवल बढ़ाती है, बल्कि दिल, किडनी, आंखों और नसों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। प्री-डायबिटीज के संकेत अक्सर बहुत सामान्य दिखते हैं, इसलिए लोग उन्हें अक्सर थकान या रोजमर्रा की कमजोरी समझकर टाल देते हैं। यदि आपको अचानक अधिक प्यास लगने लगे या रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़े, तो यह शरीर का साफ संकेत है। कई लोग भूख में वृद्धि, लगातार थकान, ध्यान न लगना और काम में ऊर्जा की कमी जैसे बदलाव महसूस करते हैं। त्वचा में होने वाले बदलाव भी महत्त्वपूर्ण संकेत होते हैं। गर्दन, बगल या कोहनी के पास की त्वचा अगर काली, मोटी और मखमली दिखने लगे, तो यह इंसुलिन प्रतिरोध का स्पष्ट संकेत हो सकता है। इसके अलावा शरीर पर छोटे-छोटे स्किन टैग्स का निकलना और हाथ-पैरों में झनझनाहट की भावना भी प्री-डायबिटीज की ओर संकेत करती है। कुछ लोगों में प्री-डायबिटीज का खतरा अधिक होता है। जिनका वजन सामान्य से ज्यादा है या जिनकी कमर लगातार बढ़ रही है, वे सबसे पहले रिस्क ज़ोन में आते हैं। मीठे खाद्य पदार्थों और जंक फूड का अधिक सेवन, कोल्ड ड्रिंक्स की आदत और निष्क्रिय जीवनशैली इस जोखिम को कई गुना बढ़ा देती है। 35 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग, गर्भावस्था में डायबिटीज का अनुभव कर चुकी महिलाएं और जिनकी नींद पूरी नहीं होती, उन्हें भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। परिवार में डायबिटीज का इतिहास होने पर खतरा और बढ़ जाता है। प्री-डायबिटीज को हल्की समस्या मानना सबसे बड़ी भूल है। अगर इसे नियंत्रण में न लाया जाए, तो यह धीरे-धीरे शरीर के अंदरूनी अंगों को प्रभावित करने लगता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने, दिल का दौरा पड़ने और स्ट्रोक जैसी स्थितियां विकसित हो सकती हैं। आंखों की रोशनी कमजोर होना, किडनी फेल होने का खतरा और घावों का देर से भरना भी इसी का परिणाम हो सकता है। अच्छी बात यह है कि सही डाइट, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और पर्याप्त नींद के जरिए प्री-डायबिटीज को उल्टा भी किया जा सकता है। समय पर पहचान और सावधानी ही डायबिटीज से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज कभी अचानक नहीं होती, बल्कि उससे पहले हमारा शरीर कई संकेत देता है। इन्हीं शुरुआती चेतावनियों को प्री-डायबिटीज कहा जाता है। इसका मतलब है कि आपके खून में शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो चुका है, लेकिन अभी यह डायबिटीज के अंतिम चरण तक नहीं पहुंचा है। सुदामा/ईएमएस 09 मार्च 2026