09-Mar-2026
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- स्टाइपेंड संशोधन की मांग, ओपीडी का बहिष्कार, ऑपरेशन टले जबलपुर, (ईएमएस)। स्टाइपेंड संशोधन की मांग को लेकर नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध तेज कर दिया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) के नेतृत्व में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार शुरू कर दिया है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जूडा के डॉ. शुभांशु शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार के 7 जून 2021 के जारी आदेश के अनुसार सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था लेकिन इसके बावजूद अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया और न ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान किया जिसके चलते मजबूर होकर सोमवार से हड़ताल पर जाना पड़ा। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं तब तक वे ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे वहीं ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में भी सिर्फ अति गंभीर मरीज होने पर ही सेवा देंगे। इससे हर्निया, ऑर्थोपेडिक सर्जरी और अन्य तयशुदा ऑपरेशन टल सकते हैं। इसका सीधा असर जबलपुर सहित आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज जबलपुर में बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न आंदोलन में शामिल हैं। ये डॉक्टर अस्पताल की सेवाओं का बड़ा हिस्सा संभालते हैं और मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग भी करते हैं। डॉक्टर गत शुक्रवार से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे। अब उन्होंने ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया है। जूडा ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि सरकार जल्द स्टाइपेंड संशोधन लागू करे, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। सुनील साहू / शहबाज / 09 मार्च 2026