तेहरान,(ईएमएस)। मध्य पूर्व में जारी सैन्य संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था दांव पर लगी नजर आ रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को लगभग पूरी तरह बाधित करने के बाद, ईरान अब तेल आपूर्ति के एक और सामरिक मार्ग बाब-अल-मंदेब को बंद करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, यदि अमेरिका और इजरायल ने ईरान की शीर्ष लीडरशिप या उसके हितों पर हमले जारी रखे, तो तेहरान इस महत्वपूर्ण चोकपॉइंट से जहाजों की आवाजाही रोक सकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं और विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो यह जल्द ही 120 डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा। ईंधन की इन बेतहाशा कीमतों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। ऊर्जा लागत बढ़ने से न केवल परिवहन महंगा होगा, बल्कि दुनिया भर में महंगाई बढ़ने और उपभोक्ता खर्च घटने की भी पूरी आशंका है। ईरान की हालिया धमकियों ने विकसित और विकासशील दोनों तरह के देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि तेल की एक-एक बूंद के लिए वैश्विक संघर्ष की स्थिति पैदा होती दिख रही है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने हाल ही में अमेरिकी बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि वे अपने प्रभाव वाले क्षेत्र से एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं होने देंगे। यह धमकी उस समय आई है जब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला बाब-अल-मंदेब जलमार्ग पहले से ही तनाव की चपेट में है। भौगोलिक दृष्टि से यमन और जिबूती के बीच स्थित यह संकरा रास्ता स्वेज नहर के माध्यम से हिंद महासागर और भूमध्य सागर को जोड़ने वाली वैश्विक शिपिंग की लाइफलाइन माना जाता है। वर्तमान में स्थिति यह है कि होर्मुज की खाड़ी से होने वाली आपूर्ति पहले ही ठप होने की कगार पर है। आंकड़ों के मुताबिक, होर्मुज के रास्ते रोजाना लगभग 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो वैश्विक आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा है। सऊदी अरब, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े निर्यातक इसी रास्ते पर निर्भर हैं। निर्यात बाधित होने के कारण इराक और यूएई जैसे देशों को अपने उत्पादन में भारी कटौती करनी पड़ी है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दिख रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/10मार्च2026