एयरस्पेस की उपलब्धता के आधार पर हुआ फैसला दुबई (ईएमएस)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने टी20 विश्वकप के लिए भारत पहुंची वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका से पहले इंग्लैंड के स्वदेश लौटने पर लगे भेदभाव के आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि इसके पीछे एयरस्पेस और उड़ानों की उपलब्धता बड़ा कारण रही है। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण हवाई यातायात प्रभावित होने से 20 विश्व कप 2026 क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान कुछ टीमें भारत में ही फंस गयी थी। इनमें वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के अलावा इंग्लैंड की टीम भी शामिल थी। 1 मार्च को भारत के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेलने वाली वेस्टइंडीज और 4 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल हारने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम काफी समय भारत में ही फंसी रही जबकि 5 मार्च को भारत के खिलाफ सेमीफाइनल हारने वाली इंग्लैंड इनसे पहले स्वदेश लौट गयी। इससे विवाद खड़ा हो गया है और वेस्टइंडीज व दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) पर भेदभाव का आरोप लगा दिया है। इन टीमों ने इंग्लैंड के जल्दी स्वदेश लौटने पर सवाल उठ रहे हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी आईसीसी पर खास ध्यान देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, इस स्थिति में सभी टीमों के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए। आईसीसी टेबल पर किसी टीम का ताकतवर होना अहम नहीं होना चाहिए। वहीं इस मामले में आईसीसी ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उसने किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया। रवाना होने के क्रम पर फैसले सिर्फ एयरस्पेस की उपलब्धता, एयरक्राफ्ट रूटिंग अनुमति, वीजा की जरूरतों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए गये। यह कहना कि टीमों को इन बाधाओं के अलावा किसी और वजह से प्राथमिकता दी गई है, सही नहीं है। इस मामले में नाराजगी जताते हुए वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने सोशल मीडिया में लिखा था, मैं बस घर जाना चाहता हूं। उनकी इन पोस्ट से भी कई लोगों का ध्यान इस समस्या पर गया है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के क्वींटन डीकोक ने भी नाराजगी जतायी थी। गिरजा/ईएमएस 10 मार्च 2026