राज्य
10-Mar-2026


मुख्य सचिव को सरकारी वकीलों की नियुक्ति और क्षमता की जांच के उद्देश्य से भेजा आदेश जबलपुर, (ईएमएस)। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल तथा न्यायाधीश रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की संयुक्तपीठ ने एक गंभीर आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान बिना तैयारी के न्यायालय में एक सरकारी वकील के बिना पर्याप्त तैयारी के पहुंचने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य सरकार के वकील अदालत की सहायता करने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार होकर आएं। न्यायालय ने उक्त आदेश की प्रति राज्य के मुख्य सचिव को भेजते हुए सरकारी वकीलों की नियुक्ति और उनकी क्षमता की समीक्षा करने भी कहा है। सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या से जुडे इस प्रकरण में प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वैढन द्वारा 21 नवंबर 2017 को दिए गए फैसले में बच्चेलाल बसोर और शोभन बसोर को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और धारा 323/34 के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसी फैसले के खिलाफ सजा पाए आरोपियों की ओर से यह अपील वर्ष 2017 में उच्च न्यायालय में दाखिल की गई थी। मामले में सुनवाई के दौरान शोभन बसोर की ओर से दायर पहली जमानत याचिका पर न्यायालय ने गौर किया कि उसका नाम मूल एफआईआर में दर्ज नहीं था और अपील के अंतिम निपटारे में समय लग सकता है। इस पर न्यायालय ने उसकी शेष सजा पर रोक लगाते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर उसे जमानत का लाभ प्रदान कर दिया जबकि सह-आरोपी बच्चेलाल बसोर की जमानत याचिका न्द्धयायालय ने खारिज कर दी। न्यायालय ने कहा कि एफएसएल रिपोर्ट में उसके कब्जे से बरामद लाठी पर मानव रक्त पाए जाने की पुष्टि हुई है और प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी उसके खिलाफ हैं, इसलिए सजा निलंबित करने का आधार नहीं बनता। संयुक्तपीठ ने सुनवाई के दौरान यह भी पाया कि राज्य की ओर से पेश सरकारी वकील कमल सिंह बघेल मामले की तैयारी किए बिना अदालत में उपस्थित हुए थे। वे न्यायालय द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने में भी असमर्थ रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए संयुक्तपीठ ने कहा कि यह गंभीर मामला है और राज्य सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि अदालत में नियुक्त अधिवक्ता योग्यता और दक्षता के आधार पर ही नियुक्त हों। न्यायालय ने इस आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजते हुए सरकारी अधिवक्ताओं की सूची की समीक्षा करने और उनकी क्षमता का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं। अजय पाठक / मोनिका / 10 मार्च 2026/ 02.45