10-Mar-2026
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रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर सदन में चर्चा हुई। सत्ता पक्ष के ही कुछ विधायकों ने परियोजना के कामकाज पर सवाल उठाए, जिसके बाद नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने मामले की जांच कराने की घोषणा की। भाजपा विधायक सुनील सोनी ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से कहा कि रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना में करीब 30 करोड़ रुपये के कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ म्यूजिकल फाउंटेन पर ही लगभग 5.24 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सोनी ने यह भी कहा कि उनकी शिकायत के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा पहले ही जांच कराई जा चुकी है, जिस पर करीब 18 लाख रुपये खर्च हुए थे। उन्होंने उस जांच रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने की मांग की। इस मुद्दे पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक ने भी स्मार्ट सिटी के कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और पारदर्शिता की मांग की। जवाब में मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी किसी भी शिकायत या गड़बड़ी का परीक्षण कराया जाएगा। यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से शिरपुर महोत्सव के आयोजन में आय-व्यय और संचालन व्यवस्था में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। इस पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव के आयोजन के लिए 15 लाख रुपये का आबंटन किया गया था, जिसमें से 10 लाख रुपये प्रचार-प्रसार पर खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि आयोजन में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है और बाहर से आए अतिथि कलाकारों को भुगतान नहीं किए जाने की बात सही नहीं है। विधायक यादव ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी एक कार्यक्रम के लिए लगभग 60 लाख रुपये लेते हैं, ऐसे में भुगतान की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। इस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों को प्रशासन के माध्यम से ऑन रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। हालांकि, विधायक की मांग पर मंत्री ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/10 मार्च 2026