10-Mar-2026
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इन्दौर (ईएमएस) घपलों घोटालों का पर्याय बन चुके इन्दौर नगर निगम में नित नये हैरतअंगेज घोटाले उजागर होते रहते हैं।‌ वहां विगत दिनों हुएं करोड़ों रुपए के फर्जी ड्रेनेज पाइप लाइन घोटाले की आंच अभी कम हुई भी नहीं थी कि फिर उसी तरह का एक सड़क घोटाला उजागर हुआ है जिसमें सड़क बनी हीं नहीं और ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। मामले में कांग्रेस ने निगमायुक्त से शिकायत कर जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के अनुसार शहर में एक तरफ जो विकास कार्य मंजूर हैं, उनका फंड की कमी बताकर कार्य नहीं किये जा रहे है। इससे लोग परेशान हो रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर बिना काम किए ही ठेकेदारों को लाखों रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसमें निगम अधिकारियों और स्थानीय भाजपा नेताओं की मिलीभगत भी शामिल है। चौकसे के अनुसार वर्तमान में निगम के जनकार्य विभाग द्वारा जोन क्रमांक 4 के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 12 में यादवनंद नगर गली नंबर 2 में सीमेंट-कांक्रीट की सड़क के निर्माण का फैसला लिया गया था। यह सड़क प्रेम परमार वाली गली में बनाई जाना थी। यह काम माही इंटरप्राइजेस द्वारा किया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने सड़क का निर्माण किए बिना ही निगम के खजाने से बिल पास करवा लिया, जिसके दस्तावेज कांग्रेस के पास मौजूद है। इस आर्थिक अनियमितता की शिकायत चौकसे ने दस्तावेज के साथ नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल से करते मांग की है कि इस मामले में दोषी सभी व्यक्तियों के खिलाफ निगम के कोष से धन की अफरा-तफरी करने और धोखाधड़ी करने का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। आनंद पुरोहित/ 10 मार्च 2026