राष्ट्रीय
10-Mar-2026


* महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोरों पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम अपग्रेड होगा, वडोदरा-मुंबई डिवीजन में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का बड़ा विस्तार अहमदाबाद (ईएमएस)| भारतीय रेल ने अपने नेटवर्क के महत्वपूर्ण हिस्सों में संचालन को मजबूत बनाने, लाइन क्षमता बढ़ाने और संचार प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए रु. 765 करोड़ से अधिक की लागत वाले कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में दो हाई-डेंसिटी माल और यात्री कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम का उन्नयन तथा पश्चिम रेलवे के वडोदरा और मुंबई सेंट्रल डिवीजन में ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन बैकबोन का विस्तार शामिल है। * दुर्वाडा–विशाखापट्टनम–विजयनगरम सेक्शन में ट्रैक्शन सिस्टम अपग्रेड भारतीय रेल ने ईस्ट कोस्ट रेलवे के 106 किलोमीटर लंबे दुर्वाडा–विशाखापट्टनम–विजयनगरम सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम के उन्नयन के लिए रु. 318.07 करोड़ की मंजूरी दी है। इस सेक्शन में मौजूदा 1×25 kV प्रणाली को उन्नत 2×25 kV प्रणाली में बदला जाएगा, जिससे इस हाई-डेंसिटी कॉरिडोर पर अधिक माल ढुलाई, बेहतर गति और अधिक विश्वसनीय संचालन संभव होगा। व्यस्त हावड़ा–चेन्नई रेल मार्ग पर स्थित यह सेक्शन ओडिशा और छत्तीसगढ़ से विशाखापट्टनम पोर्ट तक खनिज और औद्योगिक सामान के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अपग्रेड से बिजली आपूर्ति क्षमता मजबूत होगी, माल ढुलाई सुगम बनेगी और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक प्रभावी होगा। यह परियोजना 2024-25 के रेल बजट में शामिल देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारतीय रेल की इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली का आधुनिकीकरण करना है। * रायचूर–गुंटकल सेक्शन में भी ट्रैक्शन अपग्रेड भारतीय रेल ने साउथ सेंट्रल रेलवे के गुंटकल डिवीजन के तहत कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में फैले 126 किलोमीटर लंबे रायचूर–गुंटकल सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम के उन्नयन के लिए रु. 259.39 करोड़ की मंजूरी दी है। यहां भी मौजूदा 1×25 kV प्रणाली को 2×25 kV प्रणाली में बदला जाएगा, जिससे इस हाई-डेंसिटी कॉरिडोर पर अधिक ट्रेन लोड, बेहतर गति और अधिक विश्वसनीय संचालन संभव होगा। मुंबई–चेन्नई रेल मार्ग पर स्थित यह अपग्रेड बिजली आपूर्ति क्षमता को मजबूत करेगा और माल ढुलाई के साथ-साथ वंदे भारत जैसी तेज यात्री ट्रेनों के संचालन को भी सुगम बनाएगा। यह परियोजना भारतीय रेल के 3,000 मिलियन टन माल ढुलाई लक्ष्य को हासिल करने में भी योगदान देगी। * वडोदरा और मुंबई डिवीजन में OFC कम्युनिकेशन बैकबोन भारतीय रेल ने पश्चिम रेलवे के वडोदरा और मुंबई सेंट्रल डिवीजन में संचार नेटवर्क को मजबूत करने के लिए रु. 187.88 करोड़ की मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत 4×48 कोर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बैकबोन नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिससे अधिक बैंडविड्थ, नेटवर्क रिडंडेंसी और LTE आधारित ‘कवच’ समेत अन्य महत्वपूर्ण रेलवे संचार प्रणालियों को विश्वसनीय समर्थन मिलेगा। इस परियोजना के अंतर्गत वडोदरा डिवीजन में 692 किलोमीटर और मुंबई डिवीजन में 308 किलोमीटर सहित कुल 1,000 रूट किलोमीटर में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी। यह कदम स्वदेशी ट्रेन टक्कर-रोधी प्रणाली ‘कवच’ के विस्तार और रेलवे के डिजिटल संचार ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। * रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता को मिलेगी मजबूती इन स्वीकृत परियोजनाओं से ट्रैक्शन पावर सिस्टम में सुधार, संचार बैकबोन को मजबूत करने और प्रमुख रेल कॉरिडोरों पर माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही आधुनिक ट्रेनों के संचालन को गति मिलेगी, डिजिटल संचार नेटवर्क मजबूत होगा और भारतीय रेल के प्रमुख माल एवं यात्री मार्गों की समग्र कार्यक्षमता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा। सतीश/10 मार्च