अंतर्राष्ट्रीय
10-Mar-2026


तेहरान (ईएमएस)। ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने शेर और सूर्य क्रांति कहने वाले आंदोलन में शामिल स्वतंत्रता-प्रेमी ईरानियों के साहस की प्रशंसा कर उनके कार्यों को वीरता की पराकाष्ठा बताया है। शेर और सूर्य क्रांति एक विरोध आंदोलन है, इस आंदोलन को मुख्य रूप से ईरानी प्रवासी चला रहे हैं। यह आंदोलन 1979 से पहले के देश के ध्वज को वर्तमान इस्लामी गणराज्य के विरोध के प्रतीक के रूप में अपनाता है। एक साक्षात्कार में युवराज ने एक विशेष घटना का जिक्र किया जो उनके लिए आंदोलन का एक सशक्त प्रतीक बन गई है। पहलवी ने कहा कि यह वीरता की पराकाष्ठा है। एक दमकलकर्मी सड़क पर गोली लगने से घायल हुए एक व्यक्ति को ले जा रहा था, और उन्होंने उस भी मार डाला। वह दृश्य मेरे लिए एक प्रतीक है। ये टिप्पणियां तब आई हैं, जब निर्वासित नेता विदेश से ईरान में चल रही स्थिति पर नजर रख रहे हैं, जहां उन्होंने क्षेत्र में हालिया तनाव बढ़ने के बाद धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र में परिवर्तन की वकालत की है। ईरान की विशेषज्ञ सभा द्वारा नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति के बाद, पहलवी ने इस्लामी गणराज्य की सेना से हथियार डालने और मौजूदा शासन के खिलाफ ईरानी जनता का साथ देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो लोग अब जनता के साथ खड़े होते हैं, उन्हें स्वतंत्र ईरान में स्थान मिलेगा। पहलवी ने कहा कि ईरानी जनता इस्लामी गणराज्य के सुरक्षा तंत्र को कमजोर करने के लिए अमेरिका और इज़राइल के प्रयासों का व्यापक रूप से समर्थन करती है, जबकि नेतृत्व पर नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। निर्वासित युवराज ने कहा, क्रांतिकारी गार्डों को नष्ट करने और इस्लामी गणराज्य के आतंक के ढांचे को ध्वस्त करने के अमेरिकी और इज़राइली संकल्प को ईरानी जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है। आशीष दुबे / 10 मार्च 2026