राज्य
10-Mar-2026


:: चार्जिंग स्टेशन पर 30% सब्सिडी का तोहफा; ईव्ही तरंग पोर्टल से घर बैठे मिलेगा लाभ :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश की सड़कों पर अब नीली नंबर प्लेट वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों का शोर बढ़ने वाला है। राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 को जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू कर दिया है। यह नीति न केवल आम नागरिकों की जेब के लिए किफायती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित मध्यप्रदेश का वादा भी है। आज के दौर में जब कार्बन उत्सर्जन एक बड़ी वैश्विक चुनौती है, मध्यप्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इस नीति का मुख्य केंद्र आम आदमी को प्रदूषण मुक्त आवागमन का सुलभ विकल्प प्रदान करना है। इसके तहत राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए खजाना खोल दिया है, जिसमें नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर भारी-भरकम रोड टैक्स और पंजीयन शुल्क से मुक्ति मिल रही है। इतना ही नहीं, यदि आपके पास पुरानी पेट्रोल या डीजल वाली गाड़ी है, तो उसे रेट्रोफिट तकनीक के जरिए इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए भी सरकार वित्तीय सहायता दे रही है। सबसे बड़ी चिंता इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की होती है। इसे दूर करने के लिए सरकार ने एक मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर 30 प्रतिशत तक का अनुदान देने का प्रावधान किया है। इससे पूरे प्रदेश में चार्जिंग पॉइंट्स का जाल बिछेगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा भी अब आसान और निर्बाध हो जाएगी। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के दिन अब लद गए हैं। अब ईव्ही तरंग पोर्टल के जरिए आप घर बैठे ही सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाता है, ताकि हर पात्र नागरिक को बिना किसी परेशानी के सरकारी लाभ मिल सके। यह नीति केवल परिवहन का साधन बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्यप्रदेश को एक स्वच्छ और हरित राज्य के रूप में स्थापित करने का महाभियान है। सरकार ने समस्त प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देकर इस भविष्योन्मुखी पहल का हिस्सा बनें और प्रदूषण मुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रकाश/10 मार्च 2026