इन्दौर (ईएमएस) विशेष न्यायाधीश शिप्रा पटेल की कोर्ट ने छठी क्लास में पढ़ने वाली मासूम बच्ची के साथ उसके सौतेले पिता द्वारा दुष्कर्म के प्रकरण की सुनवाई उपरांत आरोपी पिता को दोषी करार देते तिहरे आजन्म कारावास की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने पाक्सो एक्ट की तीन धाराओं में आरोपी को सजा सुनाते हुए अपने आदेश में टिप्पणी की कि बालिकाएं घर के बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर भी अपने परिजनों से असुरक्षित है। प्रकरण में अभियोजन पैरवी विशेष लोक अभियोजक प्रीति अग्रवाल ने की थी। अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता की मां ने आरोपी से दूसरा विवाह किया था। फरवरी 2024 में घटना वाली रात सोते समय आरोपी सौतेले पिता ने चाकू से धमकाते पीड़िता के मुंह पर रूमाल बांध उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। यही नहीं इसके बाद भी आरोपी ने दो बार और इसी तरह दुष्कर्म किया था। पेट में तकलीफ बढ़ने पर पीड़िता ने मां को घटना के बारे में बताया था, जिसके बाद उसने थाना राजेंद्र नगर पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया जहां सक्षम न्यायालय ने सुनवाई उपरांत आरोपी को दोषी करार देते उक्त दंड से दंडित किया।