* राजकोट और सुरेंद्रनगर में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की चेतावनी, कई शहरों में लू का खतरा; लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह अहमदाबाद (ईएमएस)| मार्च की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। गुजरात में तो हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दीव में मार्च की शुरुआत में ही रिकॉर्डतोड़ गर्मी दर्ज की गई है, जिसने पिछले 100 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मंगलवार को दीव में अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है। राजकोट और सुरेंद्रनगर में आज के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। वहीं पोरबंदर, जूनागढ़, अमरेली, मोरबी, गिर सोमनाथ और कच्छ जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा दीव, बनासकांठा, पाटन, वडोदरा, सूरत, महेसाणा, साबरकांठा और गांधीनगर में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अहमदाबाद, जामनगर, भावनगर और भरूच में भी गर्मी को लेकर चेतावनी दी गई है। मंगलवार को 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राजकोट राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। अहमदाबाद में 41.2 डिग्री और गांधीनगर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश शहरों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने के कारण लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। हालांकि इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। अहमदाबाद में तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री अधिक दर्ज होने के बाद महानगरपालिका की टीम ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 13 मार्च को समुद्र तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की आधिकारिक भविष्यवाणी के अनुसार 15 मार्च तक राज्य में आसमान से मानो आग बरसेगी। दोपहर के समय लू लगने के मामले बढ़ सकते हैं, इसलिए लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने और लगातार पानी या छाछ पीते रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल गर्मी सामान्य से अधिक पड़ने की संभावना है। मार्च महीना औसत से ज्यादा गर्म रह सकता है, जबकि अप्रैल और मई में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इन महीनों में चक्रवाती तूफान, हल्की बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। सतीश/11 मार्च