क्षेत्रीय
11-Mar-2026
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मण्डला (ईएमएस)। मंडला और महाराजपुर क्षेत्र में पिछले 8 महीनों से ट्रेनों का परिचालन शुरू होना क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक कदम माना गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति कुछ और ही कहानी बया कर रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उचित प्रचार-प्रसार और अव्यावहारिक समय-सारणी के कारण ट्रेनें अक्सर खाली दौड़ रही हैं, जिससे रेलवे को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सैकड़ों वर्ष पुराने ऐतिहासिक मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन से वर्तमान में 2-3 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि इन ट्रेनों का समय आम जनता की सुविधा के अनुकूल नहीं है। समय सही न होने के कारण यात्री निजी साधनों का रुख कर रहे हैं और ट्रेनें खाली चल रही हैं। हाल ही में शुरू हुई जबलपुर सीधी सेवा का भी पर्याप्त प्रचार नहीं होने से यात्रियों की संख्या नगण्य बनी हुई है। थानीय समाजसेवी अखिलेश सोनी ने मांग की है कि मंडला फोर्ट से पेंचवेली एक्सप्रेस का संचालन जल्द शुरू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ट्रेनों में एसी और जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए जिससे यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिल सके। वहीं नितिन सोलंकी का कहना है कि जब तक ट्रेनों के समय में जनहित को ध्यान में रखते हुए बदलाव नहीं किया जाएगा, तब तक इनका लाभ आम जनता को नहीं मिल पाएगा। यात्रियों ने रेलवे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार ट्रेनों को आउटर पर बेवजह खड़ा कर दिया जाता है, जिससे छोटी दूरी तय करने में भी 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनूप मिश्रा का कहना है कि स्टेशन पर सुविधाओं का विस्तार बेहद धीमी गति से हो रहा है, जिससे यात्रियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से रंजीत कछवाहा ने मांग उठाई है कि बिलासपुर-जबलपुर और पेंड्रा-नरसिंहपुर रेलमार्ग, जिनका सर्वे पूर्व में हो चुका है, उन पर ठोस कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए। रेलवे बोर्ड को इन नए रेलमार्गों के निर्माण की रूपरेखा जल्द तैयार करनी चाहिए जिससे मंडला जिला सीधे अन्य बड़े केंद्रों से जुड़ सके। मंडला फोर्ट स्टेशन की इस बदहाली और ट्रेनों के खाली परिचालन पर अब स्थानीय जनता जनप्रतिनिधियों और रेलवे प्रशासन से ठोस जवाब और त्वरित सुधार की अपेक्षा कर रही है। ईएमएस/ 11/03/2026