राष्ट्रीय
12-Mar-2026
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इस घटना ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया, दूध विक्रेता हिरासत में जांच शुरु गोदावरी,(ईएमएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के अस्पताल के वार्डों में तड़पते बुजुर्ग, पेशाब रुकने से फूलते शरीर और उल्टियों के बीच अपनी आखिरी सांसें गिनते मासूमों ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। यह सब बुरे सपने से कम नहीं है। जहां सुबह की चाय और बच्चों का दूध धीमा जहर बनकर घरों में दाखिल हुआ। वरलक्ष्मी मिल्क डेरी से निकले उस मिलावटी दूध ने देखते ही देखते 12 घरों के चिराग बुझा दिए। यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि नृशंस सामूहिक हत्या जैसा है, जहां मुनाफे के लालच में दूध में घातक रसायन मिलाया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस खौफनाक कांड ने साबित कर दिया है कि हमारी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आज 12 मौतें हुई हैं, लेकिन सवाल यह है कि इस वक्त कितने और घरों में यह सफेद मौत घूम रही है? पूरा इलाका श्मशान जैसी शांति और गहरे तनाव की चपेट में है, जहां हर दरवाजा खटखटाने वाला दूधवाला अब एक कातिल नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस समूह की पहचान सबसे पहले 22 फरवरी को हुई थी, जब कई बुजुर्ग व्यक्तियों को पेशाब न आना, उल्टी, पेट दर्द और अन्य दिक्कतों के चलते अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कई विभागों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नैदानिक ​​जांच में रक्त में यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया, जो विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने का संकेत देता है। शुरूआती जांच से पता चला है कि कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव में स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेरी से 106 परिवारों को आपूर्ति किया जाने वाला दूध इसका स्रोत हो सकता है। आपूर्ति तुरंत रोक दी गई है। इलाके में आपातकालीन चिकित्सा शिविर स्थापित किये गए हैं और चिकित्सकों और विशेषज्ञों का एक दल तैनात किया गया है। डेरी से आवश्यक नमूने लिए गए हैं और संदिग्ध दूध विक्रेता अड्डाला गणेश्वरराव (33) को हिरासत में लिया है। डेरी को सील कर दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिराज/ईएमएस 12मार्च26 --------------------------------