12-Mar-2026
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इन्दौर (ईएमएस) भारतीय सशस्त्र बलों को अगली पीढ़ी की सुरक्षित संचार और कंप्यूटिंग तकनीकों में हो रही तेज प्रगति के साथ समन्वित करने के उद्देश्य से आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आरट्रेक) के तत्वावधान में मिलिट्री क्वांटम टेक्नालाजी सेमिनार 2026 का आयोजन महू स्थित मिलिट्री कालेज आफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एसीटीई) में किया गया। कार्यक्रम में एमसीटीई कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्षी, वीएसएम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेमिनार में विषय विशेषज्ञों और सैन्य अधिकारियों ने टेक-सेंट्रिक युद्धशैली के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की। दो महत्वपूर्ण सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में सैन्य तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। पहले सत्र में नेशनल क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) और हाल ही में जारी मिलिट्री क्वांटम मिशन पालिसी फ्रेमवर्क का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। दूसरे सत्र में एमसीटीई के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तैयार करने पर ध्यान दिया गया। इसमें भविष्य की क्षमता निर्माण, अनुसंधान को बढ़ावा देने और क्वांटम डोमेन में संस्थान के भीतर एक मजबूत तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए ठोस कार्ययोजना पर चर्चा की गई, ताकि सेना आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों में अग्रणी बनी रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल बक्षी ने संस्थान की दूरदर्शी पहल और प्रगतिशील प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मजबूत तकनीकी ढांचे के निर्माण और देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की रणनीतिक पहल भारतीय सेना के विजन को मजबूती देती हैं और भविष्य के मल्टी डोमेन आपरेशन के लिए सेना की तैयारियों को सुदृढ़ बनाती हैं। आनंद पुरोहित/ 12 मार्च 2026