अंतर्राष्ट्रीय
12-Mar-2026


तुर्की की कंपनी को बंकर नेटवर्क बनाने का 30 मिलियन डॉलर का दिया ठेका इस्लामाबाद,(ईएमएस)। भारत ने अग्नि-5 बंकर बस्‍टर मिसाइल डेवलप करने की घोषणा की है। य‍ह बंकर बस्‍टर मिसाइल 80 से 100 मीटर अंदर तक में स्थित ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है। इस घोषणा से पाकिस्‍तान के मन में ऐसा खौफ बैठा कि वह खुद के लीडरशिप को सुरक्षित करने में जुट गया है। इस्‍लामाबाद अपने एयरफोर्स के टॉप लीडरशिप और उनके परिवार को सुरक्षित रखने के लिए वीआईपी बंकर बनाने का फैसला किया है। इसका ठेका तुर्की की कंपनी को दिया गया है। पाकिस्तान अपनी सैन्य कमान की सुरक्षा और युद्धकालीन ऑपरेशनल कैपेबिलिटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक एक तुर्की डिफेंस एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर कंपनी को पाकिस्तान वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व और उनके परिवारों के लिए उच्च सुरक्षा वाले वीआईपी बंकरों का नेटवर्क बनाने का 30 मिलियन डॉलर का ठेका मिला है। यह परियोजना ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया भर में आधुनिक युद्ध में लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता वाले हथियारों, ड्रोन और स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक सिस्टम का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना के तहत कई भूमिगत बंकरों का डिजाइन और निर्माण किया जाएगा। इन बंकरों का मुख्य उद्देश्य सैन्य तनाव या युद्ध जैसी परिस्थितियों में पाकिस्तान वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और उनके परिवारों को सुरक्षा देना है। परियोजना के तहत बनने वाले प्रत्येक बंकर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि उसमें रहने वाले लोग पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटकर भी लगभग एक महीने तक सुरक्षित रह सकें। एक रिपोर्ट के मुताबिक इन वीआईपी बंकरों को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें स्वतंत्र बिजली उत्पादन प्रणाली, उन्नत एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम, सुरक्षित संचार नेटवर्क, जल भंडारण की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और नियंत्रित मात्रा में खाद्य सामग्री का भंडार रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि यदि किसी बड़े सैन्य संघर्ष या हवाई हमले की स्थिति पैदा होती है तो भी शीर्ष सैन्य नेतृत्व सुरक्षित रहते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके। विश्लेषकों का कहना है कि प्रत्येक बंकर में एक महीने तक जीवित रहने की क्षमता इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान इन्हें केवल आपातकालीन आश्रय के रूप में नहीं बल्कि युद्ध के दौरान ऑपरेशन जारी रखने के लिए उपयोग करना चाहता है। पिछले एक दशक में तुर्की पाकिस्तान का महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार बनकर उभरा है। तुर्की पहले ही पाकिस्तान को नौसैनिक प्लेटफॉर्म, मानव रहित विमान प्रणालियां और एवियोनिक्स अपग्रेड जैसी सैन्य तकनीक प्रदान कर चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद यह वीआईपी बंकर नेटवर्क पाकिस्तान वायुसेना की युद्धकालीन कमान और नियंत्रण संरचना का अहम हिस्सा बन सकता है। इसके जरिए यह तय किया जाएगा कि किसी भी चरम सैन्य स्थिति में भी शीर्ष नेतृत्व सुरक्षित, संचार से जुड़ा और संचालन के लिए सक्षम बना रहे। रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक यह कदम भविष्य के युद्धों में कमान की निरंतरता बनाए रखने की रणनीति का अहम उदाहरण माना जा रहा है। सिराज/ईएमएस 12मार्च26