रुसी राजदूत बोले- रुस से तेल खरीदने भारत को किसी से इजाजत लेने की जरुरत नहीं नई दिल्ली,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद शुरू होने के बाद अमेरिका ने दावा किया कि उसने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वैश्विक तेल आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए ये कदम उठाया गया है। ट्रंप प्रशासन की ओर से आए इस बयान पर रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने दो टूक कहा कि भारत को किसी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूसी राजदूत ने एक इंटरव्यू में विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका कितना भी कोशिश कर ले, वह रूसी तेल को दुनिया से नहीं हटा पाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को किसी से कोई इजाजत नहीं चाहिए, लेकिन अमेरिका का ऐसा रवैया उसकी सोच और अपने पार्टनर्स के प्रति उसके नजरिए को दिखाता है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अमेरिका किसी को पार्टनर के तौर पर चाहता है या देखता है। जूनियर पार्टनर ज्यादा से ज्यादा जरूरतों को पूरा करते हैं और यह बात सभी को समझनी होगी। अमेरिका के सभी अच्छे इरादों, इन्वेस्टमेंट, अच्छे कामों के साथ राजनीतिक हालात और दबाव भी आते हैं। आप रूसी तेल को ग्लोबल बास्केट से बाहर नहीं कर सकते। डेनिस ने आगे कहा कि अगर ऐसा होता है तो सप्लाई और ऑफर में बहुत कमी होगी और इसलिए मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट से पता चलता है कि भारत चाहे रूसी तेल खरीदे या कोई और, वह तेल तो वहीं रहेगा, रूसी तेल तो वहीं रहेगा। इसलिए भारत को हमसे खरीदने से सिर्फ फायदा होगा। रूसी राजदूत ने ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल हमले को लेकर कहा कि मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ जो कुछ हुआ, उससे इंटरनेशनल नियमों और कानूनों का खुला उल्लंघन है। यह एक आजाद देश के खिलाफ हिंसक और बेबुनियाद हमला है, इससे पहले कि आधी रात को वेनेजुएला में एक आजाद देश के प्रेसिडेंट को अगवा कर लिया गया। बता दें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर जुर्माने के रूप में 25 फीसदी टैरिफ लगाया था। हालांकि मिडिल ईस्ट संकट के बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यूएस ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देता है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकियों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए ये कदम उठाया गया है। अमेरिकी ट्रेजरी के मुताबिक यह एक शॉर्ट-टर्म स्टॉपगैप उपाय है ताकि वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बनी रहे और कीमतें स्थिर रहें। सिराज/ईएमएस 12मार्च26