राष्ट्रीय
12-Mar-2026
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-विपक्षी अभियान की अगुवाई टीएमसी सांसद कर रहे नई दिल्ली,(ईएमएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष बड़ी तैयारी में लगा हुआ है। दोनों सदनों के विपक्षी सांसद इस मामले में एकजुट हैं। महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए लोकसभा के करीब 120 सांसद और राज्यसभा के 60 सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। बताया जा रहा है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी अभियान की अगुवाई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद कर रहे हैं। दरअसल पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके पहले राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सीएम ममता बनर्जी चुनाव आयुक्त कुमार के खिलाफ मुखर भी है। विपक्ष एक के नेता ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि नोटिस की दो अलग-अलग कॉपी शुक्रवार तक लोकसभा और राज्यसभा में जमा होगी। विपक्षी पार्टियां कुमार के खिलाफ सात खास आरोप लिस्ट तैयार करेंगी, जिसमें “भेदभावपूर्ण व्यवहार”, “इलेक्शन फ्रॉड की जांच में जानबूझकर रुकावट डालना” और “एसआईआर के जरिए बड़े पैमाने पर लोगों को वोट डालने के अधिकार से वंचित करना” शामिल है। बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना संविधान के आर्टिकल 324 के तहत आता है, जिसमें कहा गया है, “...मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह ही और उन्हीं वजहों से हटाया जाएगा…। कानून के मुताबिक, “जिस सदन में नोटिस दिया जाता है, उस सदन के कम से कम सौ सदस्यों का समर्थन होना चाहिए, वहीं अगर राज्यसभा में नोटिस दिया जाता है, तब राज्यसभा के करीब 50 मेंबर्स का समर्थन होना चाहिए। इसके बाद स्पीकर इस पर विचार करते हैं। यह उनका विवेकाधिकार है कि वे प्रस्ताव को मान सकते हैं या मानने से मना कर सकते हैं।” अगर इस हफ्ते नोटिस दे भी दिया जाता है और मान भी लिया जाता है, तब इस मामले में बहस होने में महीनों लग सकते हैं। उस समय तक पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में चुनाव खत्म हो जाएंगे, जिनके इस गर्मी की शुरुआत में होने की उम्मीद है। इस कदम पर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा, हमारी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह जारी रहेगी। आशीष दुबे /12 मार्च 2026