राष्ट्रीय
12-Mar-2026


सोनभद्र,(ईएमएस)। उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो आने वाले दिनों में बिजली प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, बिजली की खपत में भी इजाफा हो रहा है। यदि यह स्थिति बनी रही, तब महीने के अंत तक राज्य में बिजली की मांग 25 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी इस बढ़ती मांग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। प्रबंधन ने आवश्यकता के अनुसार अस्थायी रूप से बंद इकाइयों को चालू करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, चल रही इकाइयों से अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित किया है। ओबरा थर्मल पावर प्लांट सहित अन्य इकाइयों से पूर्ण उत्पादन हो रहा है ताकि मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहे। हालांकि अब घरों में पंखे चलने लगे हैं, तब कूलर और एसी चलाने की तैयारी है, लिहाजा वातावरण के गर्म होने के बाद बिलजी पर भी व्‍यापक असर पड़ने लगा है। जल्‍द ही गर्मी का असर बढ़ने पर मांग भी बढ़ेगी। राज्य में गर्मी के प्रभाव के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे लोड में वृद्धि हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सिंचाई के लिए बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। प्रबंधन ने पड़ोसी राज्यों से अतिरिक्त बिजली खरीदने और निजी उत्पादकों से संपर्क करने का विकल्प भी रखा है। यदि मांग 25 हजार मेगावाट को पार कर गई, तो रोटेशनल लोड शेडिंग की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि हर संभव प्रयास से इस संकट को टालने का प्रयास किया जाएगा। आशीष दुबे /12 मार्च 2026