राष्ट्रीय
12-Mar-2026
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-स्पीकर ने विषय से भटकने पर रोका; हरदीप पुरी बोले- देश में गैस की कमी नहीं नई दिल्ली,(ईएमएस)। लोकसभा में गुरुवार को एलपीजी संकट को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में गैस सिलेंडर की कथित कमी और ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा उठाया, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने राहुल गांधी को नोटिस में दिए गए विषय तक सीमित रहने को कहा। सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, कि देश में एलपीजी संकट की स्थिति बनती दिख रही है। उन्होंने कहा, अभी तो दर्द की शुरुआत हुई है। कई रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, सड़क किनारे के विक्रेता प्रभावित हो रहे हैं और एलपीजी को लेकर लोगों में घबराहट है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश की मजबूत नींव उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यदि अमेरिका यह तय करे कि भारत रूस से तेल या गैस खरीद सकता है या नहीं, तो यह स्थिति समझ से परे है। इसी दौरान उन्होंने एक अन्य विवादित मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि तेल मंत्री खुद किसी समय एपस्टीन को अपना दोस्त बता चुके हैं। इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। हंगामा देख स्पीकर ओम बिरला ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए राहुल गांधी से कहा कि वे केवल उसी विषय पर बोलें, जिसके लिए उन्होंने नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा करनी है तो उसके लिए अलग से नोटिस देना होगा। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच स्पीकर ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को जवाब देने के लिए आमंत्रित किया। पुरी ने कहा कि देश में एलपीजी, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है और विपक्ष अनावश्यक रूप से माहौल बना रहा है। उन्होंने बताया कि भारत के पास पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार है और कई स्रोतों से ईंधन की आपूर्ति जारी है। पुरी ने कहा कि भारत को कनाडा, नॉर्वे और रूस से ईंधन मिल रहा है। इसके अलावा एलपीजी उत्पादन में करीब 28 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक ईंधन चैनलों को सक्रिय कर दिया गया है और देशभर में सीएनजी की आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है। मंत्री ने कहा कि घबराहट के कारण लोगों ने ज्यादा बुकिंग कर दी है, जिससे मांग अचानक बढ़ गई है। सरकार ने स्थिति पर नजर रखने के लिए तीन मंत्रियों की एक समिति भी बनाई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश ऐसे हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि संसद नियमों के अनुसार ही चलेगी और बिना नोटिस के किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि “संसद में किसी को भी विशेष अधिकार नहीं है, सभी को नियमों का पालन करना होगा।” हंगामे के बीच स्पीकर कुछ समय के लिए चेयर छोड़कर चले गए, जिसके बाद जगदंबिका पाल ने कार्यवाही संभाली। विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे। पाल ने सांसदों से अपना स्थान ग्रहण करने की अपील की, लेकिन सदन का माहौल लंबे समय तक तनावपूर्ण बना रहा। हिदायत/ईएमएस 12मार्च26