खेल
12-Mar-2026
...


सेंसेक्स 829 , निफ्टी 228 अंक गिरा मुम्बई (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट पर बंद हुआ। बाजार में ये गिरावट दुनिया भर से मिले कामजोर संकेतों के बीच ही बिकवाली हावी रहने से आई है। दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 829 अंक टूटकर 76,034 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 228 अंक फिसलकर 23,639 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में इस गिरावट का एक कारण ब्रेंट क्रूड (कच्चे तेल) की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंचने के कारण भी आया है। इससे भी निवेशकों में घबराहट का माहौल है। आज बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकर पिछले सत्र के लगभग 450 लाख करोड़ रुपये से घटकर 440 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इससे निवेशकों के एक ही सत्र में 10 लाख करोड़ रुपये डूब गये। आज कारोबार के दौरान निफ्टी की कंपनियों में से सबसे ज़्यादा बढ़त कोल इंडिया के शेयरों में रही। इसमें 5.23 फीसदी की बढ़त रही जबकि एनटीपीसी में 2.81 फीसदी की बढ़त जबकि पावर ग्रिड में 1.61 फीसदी की बढ़त आई। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.47 फीसदी जबकि अडानी एंटरप्राइजेज में 1.39 फीसदी की बढ़त आई। वहीं निफ्टी की कंपनियों में सबसे ज़्यादा गिरावट महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में रही। इसमें 4.33 फीसदी की गिरावट आई। इसके अलावा क्वालिटी वॉल्स में 3.95 फीसदी जबकि आयशर मोटर्स में 3.92 फीसदी की गिरावट रही। मारुति सुजुकी में 3.61 फीसदी और बजाज फाइनेंस में 3.42 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो, ऑटो इंडेक्स 3 फीसदी से अधिक, एफएमसीजी में 1.7 फीसदी और प्राइवेट बैंक में 1.6 फीसदी गिरावट रही जबकि पावर और एनर्जी सेक्टर में 2.5फीसदी और 2फीसदी की बढ़त रही। ऑयल & गैस, मेटल और कैपिटल गुड्स में मामूली 0.5फीसदी की तेजी रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4फीसदी गिरा और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7फीसदी नीचे आया। वहीं आज सुबह भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स सुबह 76,369 अंकों के स्तर पर खुला पर खुलते ही इसमें गिरावट बढ़ने लगी। इसी तरह ‎निफ्टी 50 भी 23,674.85 अंकों पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह तेजी से नीचे फिसलकर 23,600 अंकों के स्तर से भी नीचे 274.35 अंक की गिरावट के साथ 23,592.50 अंकों पर कारोबार करता हुआ देखा गया। आज बाजार में गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत एशियाई कारोबार के दौरान लगभग 8 फीसदी बढ़कर 100.18 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत में वृद्धि की आशंका बढ़ जाती है, जिससे निवेशकों में सतर्कता देखी जाती है। ईएमएस 12 मार्च 2026