ग्वालियर ( ईएमएस ) | ग्वालियर जिले में भी किसान कल्याण वर्ष के उपलक्ष्य में उन्न्त कृषि को बढ़ावा देने के लिए विविध प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्वालियर द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर में आयोजित हो रहा है। यह प्रशिक्षण पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता पर केन्द्रित है। ज्ञात हो राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अजय कौशल ने कहा कि युवा शासन की योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं। आज स्वास्थ्यवर्धक और कम शर्करा व तेल वाले खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिससे इस क्षेत्र में उद्यमिता की अच्छी संभावनाएँ हैं। तकनीकी सत्र में निदेशक विस्तार सेवाएँ डॉ. वाय.पी. सिंह ने जैविक एवं संरक्षित खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. अमिता शर्मा ने सहजन के औषधीय महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रीता मिश्रा ने फोर्टिफाइड एवं बायोफोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों के निर्माण से जुड़े उद्यमिता अवसरों पर जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव सिंह चौहान ने किया।