नेशनल लोक अदालत में विद्युत, बैंक व जलकर के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में भारी छूट सीहोर, (ईएमएस)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 14 मार्च 2026 को देशभर के साथ ही सीहोर जिले में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। प्रधान जिला न्यायाधीश श्री प्रकाश चंद्र आर्य के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पत्रकारों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि, वर्तमान में नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित आपराधिक शमनीय प्रकरण, धारा 138 पराक्राम्य लिखित अधिनियम, क्लेम प्रकरण विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद सम्बंधी व अन्य सिविल प्रकरण सहित लगभग 2030 राजीनामा योग्य प्रकरण रखे गये हैं। विद्युत अधिनियम बैंक रिकवरी, जलकर एवं बीएसएनएल विभाग से सबंधित लगभग 14500 पीलिटिगेशन प्रकरण नेशनल लोक अदालत के समक्ष रखे गए हैं, जिनकी संख्या लोक अदालत दिनांक को बढ़ना संभावित है। नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए सीहोर में 09, आष्टा में 05, भैरूंदा में 06, बुधनी में 03, इछावर में 01 एवं उपभोक्ता फोरम में 01, इस प्रकार कुल 24 खण्डपीठों का गठन किया गया है। नेशनल लोक अदालत में रखे जाएंगे राजीनामा योग्य ट्रैफिक चालान नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों के साथ साथ राजीनामा योग्य ट्रैफिक चालान प्रकरणों को भी रखा जाएगा एवं निराकरण किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी संबंधित थानों के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निराकरण कर आम नागरिकों को राहत प्रदान की जा सके। नेशनल लोक अदालत में विद्युत, बैंक व जलकर के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में भारी छूट शासन के उर्जा विभाग द्वारा विद्युत अधिनियम से संबंधित न्यायालय में लंबित व प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में एवं मध्य प्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल द्वारा जारी निर्देशानुसार जलकर एवं संपत्ति कर अधिभार में नेशनल लोक अदालत के संबंध में विशेष छूट के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही बैंक के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में भी नियमानुसार छूट प्रदान की जायेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नागरिकों से लोक अदालत में अपने प्रकरणों का निराकरण समझौता एवं सहमति के आधार पर कराने और लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की गई है। विमल जैन ईएमएस / दिनांक 12/3/025