मरीज के पास कैसे पहुंची शराब की बोतले जबलपुर, (ईएमएस)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में न्यूरोलॉजी वार्ड के एक मरीज के पास से आठ शराब की बोतलें मिलने के मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह घटना केवल एक लापरवाही नहीं, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा प्रणाली में संभावित सेंध या अंदरूनी मिलीभगत की ओर भी इशारा कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक साथ आठ शराब की बोतलें वार्ड तक कैसे पहुंचीं? अस्पताल के मुख्य गेट पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहती है और प्रवेश द्वार पर जांच की व्यवस्था होने का दावा किया जाता है। इसके बावजूद इतनी मात्रा में शराब अंदर पहुंच जाना जांच प्रक्रिया की गंभीर खामी को दर्शाता है। परिजनों का आरोप है कि गेट पर चेकिंग अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाती है। बैग या सामान की सख्ती से जांच नहीं की जाती। कई बार भीड़ अधिक होने का हवाला देकर सुरक्षा कर्मी लोगों को बिना जांच के अंदर जाने देते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सुरक्षा सिर्फ कागजों और रिकॉर्ड तक सीमित है? ब्लाइंड स्पॉट तलाशना जरूरी… एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू सीसीटीवी निगरानी का है। अस्पताल परिसर में कैमरे लगे होने के बावजूद क्या उनका कवरेज पूरी तरह प्रभावी है? क्या सभी एंट्री पॉइंट और वार्ड के रास्ते कैमरों की निगरानी में हैं या फिर कुछ ब्लाइंड स्पॉट ऐसे हैं जहां से बिना निगरानी के सामान अंदर ले जाया जा सकता है? सूत्रों का कहना है कि कई कैमरे या तो काम नहीं कर रहे या उनकी मॉनिटरिंग नियमित रूप से नहीं की जाती। तंबाखू गुटखा आम बात… अस्पताल में पहले भी गुटखा और तंबाकू सेवन की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में शराब की बोतलें मिलना इस समस्या को और गंभीर बना देता है। न्यूरोलॉजी जैसे संवेदनशील वार्ड में इस तरह की घटना मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था दोनों पर सवाल उठाती है। पूरे प्रदेश से आते हैं मरीज…. गौरतलब है कि यह अस्पताल प्रदेश का प्रमुख रेफरल सेंटर है, जहां दूर-दराज जिलों से गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं। बेहतर सुविधाओं और आधुनिक इलाज के दावों के बीच सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह की चूक अस्पताल की छवि को प्रभावित कर सकती है। जांच की उठी मांग……. अब सवाल यह है कि क्या इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी? क्या सुरक्षा एजेंसी और अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाएगी? फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों की मांग है कि सुरक्षा व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जाए, सीसीटीवी की समीक्षा हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सुनील साहू / शहबाज / 12 मार्च 2026/ 06.20