राज्य
12-Mar-2026


कलेक्टर ने किया खेत-तालाब का निरीक्षण नरसिंहपुर, (ईएमएस)। विकासखंड करेली के अंतर्गत आने वाले ग्राम कपूरी में मनरेगा योजना के अंतर्गत बनाए गए खेत-तालाब किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन गए हैं। यहां बनाए गए खेत-तालाबों ने न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का नया रास्ता भी मिला है। ग्राम कपूरी में मनरेगा योजनांतर्गत अब तक कुल 6 खेत-तालाबों का निर्माण किया गया है, जिनमें क्रमश: 5 तालाबों की लागत लगभग 3 लाख 24 हजार रुपये आई है, जिनकी क्षमता 3600 क्यूबिक मीटर पानी की क्षमता है। इसी योजनांतर्गत 6 लाख 90 हजार रुपये की लागत से 60×60 आकार का खेत-तालाब बनवाया है। इस तालाब में वर्तमान में लगभग 10 हजार 800 क्यूबिक मीटर पानी संग्रहित है। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने ग्राम कपूरी पहुंचकर खेत-तालाबों का अवलोकन किया और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक खेती के साथ ही मछली पालन, पशुपालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को अपनाकर अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। ग्राम कपूरी के किसान श्री पुरूषोत्तम जाट ने बताया कि उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत अपने खेत में 60×60 आकार का खेत-तालाब बनवाया है। इस तालाब में वर्तमान में लगभग 10 हजार 800 क्यूबिक मीटर पानी संग्रहित है। उन्होंने इस जल का उपयोग मछली पालन और खेती-किसानी के लिए कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस तालाब वे मछली पालन भी करते हैं। इसका फायदा यह भी है कि तालाब के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए लिया जा रहा है, इससे फसलों का उत्पादन बढ़ा है। मिट्टी में प्राकृतिक तौर पर नाईट्रोजन की मात्रा अच्छे मानक स्तर की हो गई है। श्री जाट ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025- 26 में मछली पालन एवं विक्रय से उन्हें लगभग 7 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। इसमें करीब 3 लाख रुपये की लागत आई और लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। श्री जाट के पास 10 से 25 गौवंश भी हैं, जिनके लिए भी यह तालाब पानी का स्थायी स्रोत बन गया है। इसी तरह कृषक श्री अभिजीत जाट ने भी मनरेगा के अंतर्गत 3 लाख 24 हजार रुपये की लागत से खेत-तालाब बनाया गया है, जिससे वे अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं और खेती में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं कृषक श्री छोटेलाल जाट ने अपने खेत-तालाब का उपयोग जल संचयन के साथ-साथ ट्यूबवेल रिचार्ज के लिए किया है। उन्होंने पाइप के माध्यम से पानी की व्यवस्था कर भूजल स्तर को बनाए रखने की दिशा में भी सराहनीय पहल की है। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत बनाए गए खेत-तालाब जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने ग्राम कपूरी में मनरेगा अंतर्गत निर्माणाधीन खेत-तालाब का निरीक्षण किया। ईएमएस / मोहने / 12 मार्च 2026