- यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिलान्तर्गत कटघोरा नगर के मुख्य मार्गों पर जिला प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के लिए 24 घंटे की नो-एंट्री लागू की गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। कटघोरा शहर के बीचों-बीच दिन-रात भारी वाहनों का तांता लगा रहता है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप लगाते हुए कहना है कि पुलिस और नगर पालिका प्रशासन की नाक के नीचे से 24 घंटे भारी वाहन ट्रैलर, ट्रक, और हाइवा बेखौफ गुजर रहे हैं। आलम यह है कि स्कूली बच्चों और पैदल राहगीरों के लिए सड़क पार करना भी दूभर हो गया है। हाल के दिनों में बिलासपुर-कटघोरा और अंबिकापुर-कटघोरा मार्ग पर हुए हादसों के बाद भी प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। नियमों के मुताबिक, भारी वाहनों को शहर के बाहर बने बाईपास से गुजरना चाहिए, लेकिन डीजल बचाने और समय कम करने के चक्कर में वाहन चालक प्रतिबंधित समय में भी मुख्य मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि शहर के प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिस बल इन वाहनों को रोकने के बजाय मूकदर्शक बना रहता है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नो-एंट्री का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाए, इससे पहले कि कोई मासूम इस लापरवाही की भेंट चढ़ जाए। 13 मार्च / मित्तल