राज्य
14-Mar-2026


* पिछले वर्ष से 779 करोड़ अधिक प्रावधान; प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1755 करोड़ गांधीनगर (ईएमएस)| ग्राम विकास मंत्री कुंवरजी बावळिया ने गांधीनगर में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ग्राम विकास विभाग के लिए कुल 5479 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की है। गत वर्ष के 4700 करोड़ रुपए के बजट की तुलना में इस बार 779 करोड़ रुपए की भारी बढ़ोतरी यह बताती है कि सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आजीविका के संसाधनों को मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है। ग्राम विकास विभाग के वर्ष 2026-27 के बजट के प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं : मुख्य योजनाएं एवं प्रावधान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) • इस योजना के अंतर्गत कुल 1755 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। • रूफ कास्ट लेवल पर लगभग 18,000 लाभार्थियों को अतिरिक्त 50,000 रुपए की सहायता के लिए 90 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। • जनजातीय लाभार्थी 2,72,820 रुपए और गैर-जनजातीय लाभार्थी 2,32,920 रुपए की सहायता के पात्र हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) : • इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 737.91 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। • गांवों में दूषित जल के शुद्धिकरण के लिए ‘तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली’ के अंतर्गत 50 करोड़ रुपए का नया प्रावधान किया गया है। • राज्य के 400 गांवों में एंड ड्रेन ट्रीटमेंट का कार्य शुरू किया जाएगा। वीबी-जीआरएएम-जी (विकसित भारत – जी राम जी) योजना (मनरेगा) • इस योजना के लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। • मनरेगा के अंतर्गत मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार के बजाय अब 125 दिनों के सश्रम सवेतन रोजगार की गारंटी दी जाएगी। • यदि निर्धारित समय में रोजगार नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ते के भुगतान का भी प्रावधान है। महिला सशक्तिकरण और आजीविका • लखपति दीदी सशक्तिकरण योजना : वर्ष 2026-27 के लिए 48 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। • हर साल लगभग 10,000 अनुभवी ‘लखपति दीदी’ को उनके व्यवसाय के स्केलिंग-अप (उत्पादन, पैकेजिंग और मूल्यवर्धन) के लिए सहायता दी जाएगी। • ग्राम हाट की स्थापना : स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्थायी बिक्री का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए 20 करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ ‘ग्राम हाट’ बनाए जाएंगे। • ये हाट महानगर पालिका, नगर पालिका और पर्यटन स्थलों की सरकारी जमीन पर बनाए जाएंगे। • मार्केटिंग सपोर्ट : सखी मंडल के उत्पादों के उत्पादन से लेकर उनकी बाजार व्यवस्था करने और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन बिक्री के लिए 25 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। सतीश/14 मार्च