* ‘नमो गुजरात कौशल्य एवं रोजगार मिशन’ सहित कई नई योजनाओं की घोषणा, आईटीआई अपग्रेडेशन और श्रमिक कल्याण योजनाओं का विस्तार गांधीनगर (ईएमएस)| श्रम, कौशल विकास और रोजगार मंत्री कुंवरजी बावळिया ने शनिवार को गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और श्रमिकों के सर्वांगीण कल्याण के लिए मजबूत संकल्प किया है। इस संदर्भ में श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 2902 करोड़ रुपए की भारी धनराशि का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार, यह बजट विकसित गुजरात के जरिए प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत@2047’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग के वर्ष 2026-27 के बजट के मुख्य मुद्दे इस प्रकार हैं : नई योजनाएं एवं प्रावधान • नमो गुजरात कौशल्य एवं रोजगार मिशन : युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए 226 करोड़ रुपए का प्रावधान। • पीएम सेतु योजना : 200 करोड़ रुपए के खर्च से आईटीआई को हब-एंड-स्पोक मॉडल में अपग्रेड किया जाएगा। • नमो कौशल्य लक्ष्मी योजना : आईटीआई में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन देने के लिए 40 करोड़ रुपए का आवंटन। 1 वर्ष के कोर्स के लिए 15,000 रुपए और 2 वर्ष के कोर्स के लिए 24,000 रुपए की सहायता दी जाएगी। श्रमिक कल्याण की मौजूदा योजनाओं का विस्तार • श्रमिक अन्नपूर्णा योजना : 200 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ 300 नए अन्नपूर्णा बूथ शुरू करने का आयोजन है, जहां 5 रुपए में भोजन मिलता है। • श्रमिक बसेरा योजना : निर्माण श्रमिकों को रियायती दरों पर रहने की सुविधा मुहैया कराने के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान। • धन्वंतरि आरोग्य रथ : श्रमिकों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 50 और नए रथ शामिल करने के लिए 160 करोड़ रुपए का आवंटन। • दुर्घटना बीमा : निर्माण श्रमिक की मृत्यु या स्थायी विकलांगता के मामले में 3.5 लाख रुपए की सहायता दी जाती है। • अगरिया आवास योजना : नमक अगरियाओं (नमक उत्पादन करने वाले श्रमिक) के लिए सोलर पैनल और बुनियादी सुविधाओं युक्त आवासों के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान। • सिलिकोसिस रोग से पीड़ित व्यक्तियों को निदान (डायग्नोसिस) के समय 3 लाख रुपए और मृत्यु के बाद 4 लाख रुपए की सहायता परिजनों को दी जाएगी। विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियां • राज्य में संचालित कुल 559 आईटीआई में 2,18,516 सीटों की प्रशिक्षण क्षमता है, जिसमें महिलाओं के लिए 11,448 सीटें और दिव्यांगों के लिए 15 समर्पित आईटीआई संचालित हैं। • वर्ष 2025-26 के अंतर्गत फरवरी-2026 तक 1215 भर्ती मेलों के जरिए 2,60,878 उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। • वर्ष 2023-24 के सर्वेक्षण के अनुसार भारत की 3.2 फीसदी बेरोजगारी दर के सापेक्ष गुजरात की दर केवल 1.1 फीसदी है। • नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा मान्यता प्राप्त 6 ड्रोन पायलट प्रशिक्षण केंद्रों को मंजूरी मिली है। कौशल्या-द स्किल यूनिवर्सिटी द्वारा 600 से अधिक ड्रोन पायलट और 1200 से अधिक प्रशिक्षुओं को ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग का प्रशिक्षण दिया गया है। • मुख्यमंत्री स्किल डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कुल 4,27,861 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया है। • राज्य में कारखाना अधिनियम 1948 के तहत मार्च-2025 के अंत तक पंजीकृत 50,017 कारखानों की संख्या फरवरी-2026 तक बढ़कर 51,033 हो गई है। इस प्रकार, पिछले एक वर्ष में कारखानों की संख्या में 1016 की वृद्धि हुई है। • निदेशक, बॉयलर ने गुजरात राज्य में वर्ष 2025 के दौरान कुल 8447 बॉयलर और 339 इकोनोमाइजर का निरीक्षण करके उन्हें प्रमाणित किया। इसके अलावा, कुल 579 नए बॉयलरों और 10 इकोनोमाइजरों का पंजीकरण हुआ है। वर्ष के दौरान प्रमाणित बॉयलरों में कोई दुर्घटना नहीं हुई है। भविष्य का लक्ष्य • ‘विकसित गुजरात@2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कौशल इकोसिस्टम को मजबूत बनाना। • अगले 4-5 वर्षों में 60,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देने की योजना। सतीश/14 मार्च