क्षेत्रीय
14-Mar-2026
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- मधुबनी में सुव्यवस्थित* यातायात व्यवस्था के लिए बनेगी व्यापक कार्ययोजना मधुबनी, (ईएमएस)। मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं विद्यालय परिवहन समिति की संयुक्त बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था, जाम की समस्या, सड़क सुरक्षा, हिट एंड रन मामलों, सड़क संबंधी कमियों के न्यूनीकरण, सुरक्षित वाहन संचालन, दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता तथा चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मधुबनी शहर में सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने नगर निगम मधुबनी, पथ निर्माण विभाग, यातायात उपाधीक्षक तथा परिवहन विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस योजना तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने शहर में वन-वे व्यवस्था लागू करने, समुचित पार्किंग सुविधा विकसित करने, प्रमुख स्थानों पर साइनेज एवं जेब्रा क्रॉसिंग बनाने, टोइंग वाहन की व्यवस्था करने तथा यातायात कंट्रोल रूम स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सड़क सुरक्षा के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों तथा विभागीय निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमावली का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की नियमित जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट नियमित रूप से जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। विद्यालय परिवहन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा निजी विद्यालय संगठन के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में परिचालित सभी वाहनों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए। किसी भी स्थिति में सुरक्षा मानकों के विपरीत वाहनों का संचालन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए विद्यालयों में बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, पेंटिंग प्रतियोगिता तथा विचार गोष्ठियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया गया। बैठक में हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों में पीड़ितों को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी मामलों में प्राप्त आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करें. जिलाधिकारी ने नगर निकायों को निर्देश दिया कि सड़क अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए. साथ ही अवैध पार्किंग, बिना निबंधित वाहनों का परिचालन, ओवरलोडिंग तथा निर्धारित रूट से इतर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर जुर्माना एवं जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पथ निर्माण विभाग एवं संबंधित एजेंसियों के अभियंताओं को निर्देश दिया कि सड़क को मोटरेबल बनाए रखने के लिए नियमित रूप से स्थलों का निरीक्षण करें। साथ ही जिले में चिन्हित दुर्घटना बाहुल्य ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण कर वहां दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं तथा उसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन स्थानों पर एक से अधिक बार सड़क दुर्घटनाएं घटित हुई हैं, वहां अनिवार्य रूप से रैंबल स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया जाए तथा उन स्थलों की नियमित निगरानी की जाए। इसके साथ ही हेलमेट जांच अभियान को भी नियमित रूप से चलाने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी रामबाबू ने जिले में सड़क सुरक्षा के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार, नगर आयुक्त उमेश भारती, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, विभिन्न तकनीकी विभागों के अभियंता, विद्यालय परिवहन समिति के सदस्य तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कार्तिक कुमार/संतोष झा- १४ मार्च/२०२६/ईएमएस