राज्य
14-Mar-2026
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- मप्र में पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में गीतापाठ के बाद दक्षिणामूर्ति स्तोत्र भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में अब तक रामचरित मानस और गीता पाठ सुनाई देता था। लेकिन अब दक्षिणामूर्ति स्तोत्र भी गूंजेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भक्तिमय माहौल का असर आरक्षों के मन पर पड़ेगा। जिसके कारण उनमें दूसरों के लिए दया और हमदर्दी की भावना आएगी। दक्षिणामूर्ति स्त्रोत आदि शंकराचार्य द्वारा रचित है। दक्षिणामूर्ति स्तोत्र में भगवान शिव की स्तुति की जाती है। दक्षिणामूर्ति स्तोत्र को सुनकर पुलिसकर्मियों के मन में शांति आएगी। जिससे वे समाज में आम लोगों के मानवीय पहलुओं को समझ पाएंगे। इसके साथ ही उनके व्यक्तित्व में भी निखार आएगा। मध्य प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में पहले से ही कई धार्मिक ग्रंंथों के पाठ करने के निर्देश हैं। एडीजी प्रशिक्षण ने पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में भगवत गीता और रामचरित मानस का पाठ करने के निर्देश दिए थे। जिसका पालन भी निरंतर किया जा रहा है। नैतिक रूप से जिम्मेदार बनाना है लक्ष्य अक्सर देखा गया है कि पुलिसकर्मियों का रवैया आम जनता के लिए काफी सख्त होता है। कई मौकों पर पुलिसवालों को जनता के साथ गलत व्यवहार करते हुए भी देखा गया है। पुलिसवालों में एक नैतिक जिम्मेदारी का एहसास हो, इसलिए उन्हें इन ग्रंथों के जरिए गुणों को विकसित किया जाएगा। वहीं पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में दक्षिणामूर्ति स्तोत्र के पाठ कराने के साथ ही मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस निर्देश को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्था का तटस्थ रहना आवश्यक है। इस तरह किसी पर भी आस्था को थोंपा नहीं जाना चाहिए। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि भगवत गीता और दक्षिणामूर्ति स्तोत्र किसी धर्म के नहीं हैं। बल्कि ये जीवन जीने की एक पद्धति है। विनोद/ 14 मार्च /2026