राज्य
14-Mar-2026
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- सरकार ने बदले नियम, निर्देश जारी; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी पेश हो सकेंगे कर्मचारी भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश में बदलते डिजिटल दौर के साथ अब सरकारी विभागों में कदाचार या भ्रष्टाचार के मामलों में विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी की जा सकेगी। मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने नियमों में संशोधन कर इस प्रक्रिया को वैधानिक मंजूरी दे दी है। विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभागीय जांच से जुड़े नियम-30 में संशोधन किया गया है। अब ई-मेल, वॉट्सऐप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भेजे गए नोटिस या निर्देश शासन की आधिकारिक प्रक्रिया के रूप में मान्य होंगे। संशोधित व्यवस्था के तहत किसी विभाग या वर्ग के शासकीय कर्मचारियों से जुड़ी विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित निर्देश विभागीय पोर्टल के माध्यम से ई-मेल या अन्य डिजिटल तरीकों से भेजे जा सकेंगे। इसका अर्थ यह है कि अब आरोप पत्र जारी करने, जवाब मांगने या अन्य विभागीय कार्रवाई भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से की जा सकेगी और इसे शासन की वैध प्रक्रिया माना जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी होगी सुनवाई नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि विभागीय जांच के दौरान संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को जांच अधिकारी के सामने भौतिक रूप से उपस्थित होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अपनी बात रखने की अनुमति दी जा सकेगी। संशोधित नियमों के अनुसार किसी आरोपी कर्मचारी या अधिकारी को नोटिस या आदेश की जानकारी देने के लिए व्यक्तिगत रूप से नोटिस देना, पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट से भेजना या फिर शासकीय कर्मचारी की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर ई-मेल भेजने के तरीकों को वैध माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से विभागीय जांच की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी तथा कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा पहले की तुलना में अधिक तेजी से किया जा सकेगा। विनोद/ 14 मार्च /2026