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15-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई को औसत खपत के 20 फीसदी तक सीमित कर दिया है। अब रोजाना करीब 1,800 सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर वितरित किए जाएंगे। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई पर बड़ी सीमा तय कर दी है। 14 मार्च को जारी आदेश के अनुसार अब शहर में रोजाना वितरित होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों को औसत खपत के करीब 20 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। यह फैसला पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के बाद लिया गया है ताकि संकट के समय आवश्यक सेवाओं को ईंधन की कमी न हो।दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति मार्गों पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे हालात में जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देना आवश्यक माना गया है। इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल, आवश्यक सेवाएं, आपातकालीन संस्थान और जरूरी व्यावसायिक गतिविधियां ईंधन की कमी से प्रभावित न हों। सरकार ने इसके लिए एक नियंत्रित और प्राथमिकता आधारित वितरण प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। दिल्ली में सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन लगभग 9,000 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री होती है। ये सिलेंडर 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के बराबर माने जाते हैं और होटल, रेस्तरां, ढाबों और कई व्यवसायों में इस्तेमाल होते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब रोजाना केवल लगभग 1,800 सिलेंडर ही वितरित किए जाएंगे। यह मात्रा शहर की औसत दैनिक खपत का लगभग 20 प्रतिशत है, जिसे नियंत्रित तरीके से बांटा जाएगा। सरकार ने बताया कि यह वितरण पूरी तरह प्राथमिकता आधारित होगा। इसमें सबसे पहले उन संस्थानों को एलपीजी उपलब्ध कराई जाएगी जो सार्वजनिक सेवाओं या आपात जरूरतों से जुड़े हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/15/मार्च/2026