नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर सेगमेंट में टाटा मोटर्स का फिलहाल मजबूत दबदबा बना हुआ है। टाटा मोटर्स के पास करीब 40 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। कंपनी की सफलता के पीछे उसका बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो भी प्रमुख कारण है, जिसमें नेक्सन ईवी, पंच ईवी, टियागो ईवी, टिगोर ईवी, कर्व ईवी और हैरियर ईवी जैसे मॉडल शामिल हैं। हालांकि देश की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार अभी भी टाटा के पास नहीं है। टाटा की टियागो ईवी की शुरुआती कीमत 7.99 लाख रुपये है, जबकि एमजी कॉमेट ईवी की कीमत 7.35 लाख रुपये से शुरू होती है।टाटा मोटर्स में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स के प्रोडक्ट लाइन हेड आनंद कुलकर्णी का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन अब कीमत के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच रहे हैं। कुछ मॉडल ऐसे हैं जो इंटरनल कम्बशन इंजन (आईसीई) कारों के करीब कीमत पर उपलब्ध होने लगे हैं। उन्होंने बताया कि बैटरी तकनीक में तेजी से सुधार हो रहा है, जिससे ज्यादा एनर्जी-डेंस बैटरी, तेज चार्जिंग और बेहतर सुरक्षा संभव हो पाई है। कुलकर्णी के अनुसार मोटर, इन्वर्टर, ऑनबोर्ड चार्जर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कंपोनेंट्स का बेहतर इंटीग्रेशन वाहन का वजन कम कर रहा है और पैकेजिंग एफिशिएंसी बढ़ा रहा है। पहले ये सभी अलग-अलग यूनिट्स हुआ करते थे, बाद में इन्हें 3-इन-1 सिस्टम में बदला गया और अब इंटीग्रेशन और उन्नत स्तर पर पहुंच रहा है। इससे बचने वाला वजन बैटरी क्षमता बढ़ाने में उपयोग किया जा सकता है, जिससे बिना बड़े बदलाव के वाहन की रेंज बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बैटरी कीमतों में नरमी और तकनीकी सुधार के कारण कई मामलों में इलेक्ट्रिक कारें आईसीई वाहनों की कीमत के करीब 10 प्रतिशत के भीतर पहुंच चुकी हैं। भारत में 10 लाख रुपये से कम का सेगमेंट सबसे बड़ा बाजार माना जाता है और टाटा की रणनीति का मुख्य फोकस भी यही है। कंपनी ने हाल ही में पंच ईवी को बैटरी-एज-ए-सर्विस विकल्प के साथ पेश किया है, जिससे इसकी शुरुआती कीमत 6.94 लाख रुपये तक लाई गई है। सुदामा/ईएमएस 15 मार्च 2026