15-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। देश में ईंधन की आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही विभिन्न अटकलों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर नागरिकों से पैनिक न करने की अपील की है। मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि देश भर के पेट्रोल पंपों और खुदरा विक्रेताओं के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए घबराने या अनावश्यक भंडारण करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि डिब्बे या खुले वर्तनों में डीजल पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आपूर्ति की स्थिरता के साथ-साथ, सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पेट्रोलियम विभाग ने ईंधन की खरीद और भंडारण के संबंध में नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अधिकारियों ने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे खुले बर्तनों, कांच की बोतलों या अनुपयुक्त प्लास्टिक के डिब्बों में ईंधन कतई न लें। प्रशासन के अनुसार, असुरक्षित तरीके से ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह भीषण अग्नि दुर्घटनाओं और जन-धन की हानि का कारण बन सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता केवल अपनी जरूरत के अनुसार वाहनों के टैंक में ही ईंधन भरवाएं और घरों में इसका संचय न करें। नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। देशभर के डीलरों से कहा गया है कि वे ईंधन वितरण के दौरान सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न करें। यदि कोई पंप संचालक मानकों का उल्लंघन कर असुरक्षित कंटेनरों में पेट्रोल या डीजल भरते हुए पाया जाता है, तो प्रशासन द्वारा उसका लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को इन नियमों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने अंत में स्पष्ट किया कि रिफाइनरियों से लेकर रिटेल आउटलेट्स तक की पूरी सप्लाई चेन सुचारू रूप से कार्य कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की उपलब्धता बनी रहे और सुरक्षा संबंधी किसी भी जोखिम को शून्य किया जा सके। वीरेंद्र/ईएमएस/15मार्च2026