क्षेत्रीय
15-Mar-2026
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- 114 दिनों से जारी धरना, आशियाने को बचाने की लड़ाई तेज बिलासपुर (ईएमएस)। शहर के लिंगियाडीह क्षेत्र में चल रहा लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन अब 114 दिनों में प्रवेश कर चुका है। अपने घर और जमीन को बचाने की मांग को लेकर क्षेत्र के सैकड़ों परिवार पिछले तीन महीनों से लगातार अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी इसे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने आशियाने और जीवन भर की मेहनत से बनाए घरों को बचाने की लड़ाई बता रहे हैं।धरना स्थल पर हर दिन बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा एकत्र होकर अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।आंदोलनकारियों का कहना है कि इन घरों को बनाने में वर्षों की मेहनत, खून-पसीने की कमाई और भविष्य की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। उनके अनुसार इन घरों में सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि उनकी यादें, परिवार की खुशियां और जीवन की पूंजी भी बसती है। शांतिपूर्ण तरीके से रख रहे अपनी मांग आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि वे किसी प्रकार के टकराव या विवाद की राह नहीं अपनाना चाहते। उनका उद्देश्य केवल इतना है कि सरकार उनकी स्थिति को समझे और कोई भी निर्णय लेने से पहले वहां रहने वाले परिवारों की भावनाओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखे।धरने में शामिल लोगों का कहना है कि वे लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनेगा। अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा आंदोलन 114 दिनों से जारी यह आंदोलन अब केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है। यह आम नागरिक के आवास, अधिकार और सम्मान से जुड़ा विषय बन गया है। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन ने यह भी दिखाया है कि जब लोगों के घर और अस्तित्व पर संकट आता है, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार रहते हैं। सरकार से संवाद की उम्मीद आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर उनसे संवाद स्थापित करे, तो समाधान का रास्ता निकल सकता है। उनका मानना है कि बातचीत के माध्यम से ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिससे लोगों के घर सुरक्षित रहें और आंदोलन को सम्मानजनक समाधान मिल सके। मनोज राज 15 मार्च 2026