नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने छह और जोन में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव और बदलने के लिए नई एजेंसी को मंजूरी दी है। यह एजेंसी 10 साल तक इंटेलिजेंट लाइटिंग मैनेजमेंट सिस्टम (आईएलएमएस) तकनीक का उपयोग करेगी। दिल्ली नगर निगम इलाके में अब स्ट्रीट लाइटों के खराब होने पर उनके ठीक न होने की समस्या अब खत्म हो जाएगी। निगम ने पूरी एमसीडी इलाके में छह जोन में नई एजेंसी की तैनाती के बाद शेष छह जोन में भी नई एजेंसी की तैनाती की मंजूरी दे दी है। सदन की बैठक में इसे मंजूर किया गया। इसके तहत पूर्व कालिक उत्तरी निगम इलाके में आने वाले करोल बाग, सिविल लाइंस, सिटी एसपी जोन, नरेला, रोहिणी और केशवपुरम में नई एजेंसी 10 साल तक स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव करेगी और चरणबद्ध तरीके से इन लाइटों को बदलेगी। वहीं, खास बात यह है कि यह लाइटें जो लगेगी वह इंटेलिजेंट लाइटिंग मैनेजमेंट सिस्टम (आइएलएमएस) तकनीक से युक्त होगी। महापौर राजा इकबाल सिंह ने बताया कि आइएलएमएस तकनीक से खराब स्ट्रीट लाइटों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकती है। वहीं, जो शिकायतें खराब स्ट्रीट लाइटों की आती है, उनको कम से कम समय में समाधान के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। राजा इकबाल सिंह के अनुसार, उपरोक्त छह जोन में 3.12 लाख स्ट्रीट लाइटें हैं। इनमें से ज्यादातर स्ट्रीट लाइटों को 2012 और 2022 के बीच हाई-प्रेशर सोडियम वेपर (एचपीएसवी) लैंप से एलईडी में बदला गया था। चूंकि यह लाइटें अब अपनी समय-सीमा पूरी कर रही है इसलिए सबसे पुरानी लाइटें फिर उसके बाद की लाइटों को चरणबद्ध तरीके से अगले 10 वर्ष तक बदला जाएगा। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/15/मार्च/2026