क्षेत्रीय
15-Mar-2026
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जबलपुर, (ईएमएस)। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ जबलपुर ने मुख्यमंत्री म.प्र. शासन एवं मुख्य सचिव म.प्र. शासन के नाम डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों के हित में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक अन्य मामले में पारित आदेश के आधार पर लोक शिक्षण संचालक भोपाल ने विधिसम्मत पालन किए बिना सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा देने संबंधी आदेश जारी किया है। इस आदेश से शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। संघ के अनुसार प्रदेश के समस्त अध्यापक, माध्यमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक अपनी पहली नियुक्ति शिक्षा कर्मी एवं संविदा शिक्षक के रूप में होकर आए हैं और पिछले 20 वर्षों से निरंतर अध्यापन कार्य कर रहे हैं। उन्होंने शासन के तत्कालीन भर्ती नियमों के तहत सभी सेवा शर्तों का पालन करते हुए नियुक्ति प्राप्त की थी। ऐसे में नए आदेश से शिक्षक वर्ग में भय और रोष का माहौल है। ज्ञापन सौंपते समय ममता दुबे, रीता खण्डेलवाल, सुनीता घंघोरिया, सरिता यादव, अल्का कोरी, शिखा सिंह, ओमवती कुरील, अर्चना राजपूत, ज्योति तेलगांव, सुनीता शुक्ला, संगीता शर्मा, शहजाद सिंह द्विवेदी, दालचंद पासी, रजनीश कुमार पाण्डेय, अजय दुबे, सतीश उपाध्याय, सुरेन्द्र जायसवाल, विवेक जैन, रामदास बरकडे, शुभसंदेश सिंगौर, मनोज सिंह, अंशुल साहू, बृजेश दीक्षित, राजेश चौरसिया, प्रदीप मिश्रा, संतलाल कुर्वेति, किशोर दुबे, सुरेन्द्र चौबे, जयप्रकाश गुप्ता, जनक लाल झारिया, प्रमोद विश्वकर्मा, बृजेश दुबे, संजय तिवारी, सुरेंद्र चौधरी, मोहन अहके, मनीष दुबे, संतोष चौरसिया और आनंद अधिकारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। संघ ने मुख्यमंत्री से आदेश पर पुनर्विचार कर शिक्षकों को राहत दिलाने की मांग की है। सुनील साहू / शहबाज / 15 मार्च 2026/ 06.00