:: पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को मिला 10.94 करोड़ का राजस्व; 5805 उपभोक्ताओं ने उठाया राहत का लाभ :: इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के लिए वित्तीय वर्ष की अंतिम लोक अदालत बेहद सफल रही। ऊर्जा विभाग के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत में बिजली चोरी और अनियमितताओं से संबंधित 7058 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस प्रक्रिया में कंपनी ने पात्रता के आधार पर 5805 उपभोक्ताओं को कुल 2.74 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की, जबकि कंपनी के कोष में 10.94 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ। प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के लिए कंपनी के 15 जिलों में हजारों नोटिस जारी किए गए थे। समझौते के तहत प्री-लिटिगेशन स्तर पर सिविल दायित्व में 30 प्रतिशत और लिटिगेशन स्तर पर 20 प्रतिशत की छूट दी गई, जबकि दोनों ही श्रेणियों में ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की माफी प्रदान की गई। मुख्य सतर्कता अधिकारी एस.आर. बमनके के नेतृत्व में सतर्कता दल और मैदानी कार्मिकों के सघन प्रयासों से 10 लाख रुपये तक के सिविल दायित्व वाले प्रकरणों को आपसी सहमति से सुलझाया गया। प्रकाश/15 मार्च 2026